1 अक्टूबर, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। BSE Sensex लुढ़ककर अपने 52-वीक के नए निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे निवेशकों को **₹8 लाख करोड़** से ज्यादा का झटका लगा है।
गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को बाजार में हाहाकार मच गया। BSE Sensex 1,000 से ज्यादा अंक टूटकर 71,425.98 के स्तर पर आ गया है, जो इसका नया 52-वीक लो है। इस गिरावट का असर पूरे बाजार पर दिखा और कुल मार्केट कैप में लगभग ₹8 लाख करोड़ की सेंध लग गई।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी मुसीबत
बाजार की इस कमजोरी के पीछे सबसे बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली है। केवल सितंबर महीने में ही इन्होंने भारतीय शेयरों से ₹35,861 करोड़ की निकासी की है। लोकल बाइंग का सपोर्ट इतना नहीं है कि इस भारी बिकवाली को संभाल सके। इसके साथ ही, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी सेंटिमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया है।
सेक्टर का हाल और तकनीकी संकेत
गिरावट का असर हर जगह है, लेकिन ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में दिखा। Nifty Auto इंडेक्स में 4% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, मार्केट की अनिश्चितता को दर्शाने वाला India VIX इंडेक्स 12% उछलकर 15.15 के स्तर पर पहुंच गया है। तकनीकी चार्ट पर भी स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि Sensex अब अपने 50-दिवसीय और 200-दिवसीय मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है।
अब आगे क्या?
बाजार की अगली चाल इस पर निर्भर करेगी कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती है या नहीं। निवेशकों की नजर अब RBI के डेटा और आने वाले कॉरपोरेट नतीजों पर टिकी है। बाजार में गिरावट के बीच अब हर किसी की निगाहें इस बात पर हैं कि इंडेक्स किस स्तर पर जाकर सपोर्ट लेगा और क्या वहां से कोई रिकवरी संभव है।
