भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त तेजी लौटी है। लगातार 8 हफ्तों की गिरावट के बाद BSE Sensex **854** अंक चढ़कर बंद हुआ। इस रिकवरी की सबसे बड़ी वजह TCS के शानदार Q2 नतीजे रहे, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **15%** बढ़ा है।
शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को भारतीय बाजारों ने पिछले 8 हफ्तों से चल रहे भारी दबाव को पीछे छोड़ दिया है। BSE Sensex 854 अंकों की बढ़त के साथ 72,448 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 50 284 अंक चढ़कर 22,516 पर पहुंच गया। यह रिकवरी बाजार के सेंटिमेंट में बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही है।
IT सेक्टर का जलवा
इस तेजी के असली सारथी IT कंपनियां रहीं, खास तौर पर TCS। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2) में TCS ने ₹13,884 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 15% ज्यादा है। कंपनी ने यह भी जानकारी दी कि उनकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समाधानों से सालाना कमाई $3.1 बिलियन के पार निकल गई है। इस दमदार रिपोर्ट ने IT इंडेक्स में नई जान फूंक दी है, जो हालिया वीजा प्रतिबंधों और क्लाइंट बजट की चिंताओं से जूझ रहा था।
ग्लोबल चुनौतियां अब भी बरकरार
बाजार की खुशी के बीच मैक्रो-इकोनॉमिक चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) अभी भी $103 प्रति बैरल के आसपास है, जो देश के इंपोर्ट बिल और कॉर्पोरेट मार्जिन्स पर असर डाल रहा है। साथ ही, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड (US Treasury Yield) 5.25% के करीब बनी हुई है, जिससे विदेशी निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से पैसा निकालने पर मजबूर हैं।
वैल्यूएशन का गणित
हालिया गिरावट ने Nifty 50 के ट्रेलिंग P/E रेशियो को 19.26x पर ला दिया है, जो कि 20.9x के ऐतिहासिक मीडियन (Median) से नीचे है। इससे लार्ज-कैप शेयरों में वैल्यूएशन अब ज्यादा आकर्षक लग रही है। हालांकि, बड़े निवेशक इस डिस्काउंट को लेकर अभी भी सतर्क हैं। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या TCS के बाद अन्य IT कंपनियां भी ऐसा ही कमाल कर पाती हैं और क्या विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर लगाम लगेगी।
