Sensex: कच्चे तेल की आग में झुलसा बाजार, सेंसेक्स **400** अंक टूटा

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AuthorAditya Rao|Published at:
Sensex: कच्चे तेल की आग में झुलसा बाजार, सेंसेक्स **400** अंक टूटा

ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई है। Brent crude के दाम **$97** प्रति बैरल के करीब पहुंचने से निवेशकों में घबराहट है, जिसके चलते Sensex **400** अंक गिर गया है और Nifty **23,700** के लेवल से नीचे फिसला है।

भारतीय शेयर बाजारों में 8 सितंबर, 2026 को बड़ी हलचल देखी गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical tensions) ने दुनिया भर के तेल बाजारों को हिलाकर रख दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित सप्लाई रुकावटों की खबरों से Brent crude की कीमतें उछलकर $97 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं।

भारत पर तेल की मार

भारत अपनी ज़रूरत का लगभग 88.7% कच्चा तेल आयात करता है, जो इसे ग्लोबल कीमतों के प्रति बेहद संवेदनशील बनाता है। तेल के महंगे होने से आयात बिल बढ़ता है, जिसका सीधा असर भारतीय रुपये पर पड़ रहा है। आज रुपया डॉलर के मुकाबले 94.66 के करीब कारोबार कर रहा है। महंगाई बढ़ने के डर और पेट्रोलियम-आधारित कच्चे माल का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों के मार्जिन पर दबाव, निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।

बाजार का हाल

इस उठापटक के बीच रियल एस्टेट और आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली दिखी है। मार्केट सेंटिमेंट काफी कमजोर है और संस्थागत निवेशक अपनी पोजीशन कम कर रहे हैं। साथ ही, हाल ही में आए नए IPOs के कारण मार्केट लिक्विडिटी पर भी असर पड़ा है, जिससे सेकेंडरी मार्केट में खरीदारों की संख्या कम हुई है।

आगे क्या होगा?

तकनीकी जानकारों की नजर अब Nifty के सपोर्ट लेवल पर है, जो 23,600 से 23,650 के बीच बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस दायरे को नहीं बचा पाया, तो बाजार में और कमजोरी आ सकती है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रुपये की गिरावट को थामने के लिए हस्तक्षेप कर रहा है, लेकिन फिलहाल बाजार पूरी तरह से बाहरी ग्लोबल फैक्टर्स के प्रभाव में है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.