ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में आज भारी बिकवाली देखी गई। बढ़ती US बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों ने निवेशकों का सेंटिमेंट बिगाड़ दिया है, जिससे Sensex **485** अंक गिरकर **73,223** पर बंद हुआ।
भारतीय शेयर बाजारों के लिए गुरुवार का दिन काफी मुश्किल भरा रहा। जहां अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी की उम्मीद थी, वहीं ग्लोबल इकोनॉमिक फैक्टर्स का असर भारी पड़ गया। BSE Sensex 485.71 अंक यानी 0.66% की गिरावट के साथ 73,223.98 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 में भी 196.10 अंक या 0.86% की कमजोरी देखी गई और यह 22,615.25 पर थमा।
मैक्रोइकॉनॉमिक दबाव की वजह
बाजार में इस सुस्ती की सबसे बड़ी वजह ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और एनर्जी की कीमतें हैं। अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.1% के करीब बनी हुई है। जब यह यील्ड बढ़ती है, तो विदेशी निवेशक भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट से पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी एसेट्स में लगाने लगते हैं। साथ ही, कच्चे तेल की कीमतों ने भी महंगाई की चिंता बढ़ा दी है, जो सीधे तौर पर कंपनियों के ऑपरेटिंग खर्च को बढ़ा रही है।
सेक्टोरल हाल
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर बिकवाली का असर चौतरफा रहा। Nifty Media इंडेक्स में 1.65% की गिरावट दर्ज की गई। कंजम्पशन-लिंक्ड सेक्टर्स जैसे Nifty FMCG और Nifty Consumer Durables ने भी काफी नुकसान झेला। हालांकि, Nifty IT इंडेक्स ने 0.35% की मामूली गिरावट के साथ थोड़ी मजबूती दिखाई।
निवेशकों के लिए आउटलुक
फिलहाल बाजार पूरी तरह से ग्लोबल डेटा और मैक्रो फैक्टर्स के कंट्रोल में है। जब तक बॉन्ड यील्ड और एनर्जी की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, इंडेक्स में तेज रिकवरी की संभावना कम है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का फ्लो काफी हद तक इन्हीं इंडिकेटर्स पर टिका है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल कंपनियों के रिजल्ट्स और इन्फ्लेशन के डेटा से तय होगी।
