भारतीय शेयर बाजारों ने शुक्रवार को तीन दिनों की लगातार गिरावट के बाद राहत की सांस ली है। आईटी शेयरों में **2%** की तेजी ने बाजार को संभाला है, हालांकि **$113** प्रति बैरल के स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें और मिड-कैप शेयरों में जारी बिकवाली ने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ खुले और लगातार तीन दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ने में सफल रहे। इस रिकवरी की कमान मुख्य रूप से Nifty IT इंडेक्स ने संभाली, जिसमें 2.04% का उछाल देखा गया। यह संकेत है कि निवेशक अब ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) खर्चों की अनिश्चितता के बावजूद घरेलू कंपनियों की अर्निंग्स पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
बाजार की दोहरी तस्वीर
मुख्य सूचकांकों में भले ही मजबूती दिखी हो, लेकिन बाजार के छोटे हिस्सों में हलचल कम नहीं हुई है। Nifty Smallcap 100 इंडेक्स में 1.25% की गिरावट आई है, जो बताता है कि पिछले कुछ महीनों में तेज दौड़ने वाले स्मॉल-कैप शेयरों के वैल्यूएशन पर अब निवेशक दोबारा विचार कर रहे हैं। वहीं, मार्केट का डर यानी India VIX भी लगभग 4% चढ़कर 16.37 पर पहुंच गया है, जो निवेशकों की नर्वसनेस को दर्शाता है।
कच्चे तेल की मार
अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती एनर्जी कॉस्ट बनी हुई है। Brent Crude के भाव $113 प्रति बैरल के पार निकल चुके हैं। इतनी महंगी ऊर्जा कंपनियों के मार्जिन पर दबाव डालती है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में लागत बढ़ रही है और कंपनियां इसे ग्राहकों पर डालने में संघर्ष कर रही हैं।
लिक्विडिटी का सहारा?
आने वाले समय में बाजार की स्थिरता काफी हद तक लिक्विडिटी पर निर्भर करेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Jio Platforms IPO से जुड़ा करीब ₹3 लाख करोड़ का फंड सिस्टम में वापस आने की उम्मीद है, जो लार्ज-कैप शेयरों को सपोर्ट दे सकता है। फिलहाल, निवेशकों की नजरें कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के नतीजों पर टिकी हैं, जो तय करेंगी कि आईटी शेयरों की यह तेजी आगे बरकरार रहेगी या नहीं।
