Sensex: कच्चे तेल की आग में जला बाजार, **850** अंक लुढ़का सेंसेक्स

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Sensex: कच्चे तेल की आग में जला बाजार, **850** अंक लुढ़का सेंसेक्स

ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के बीच आज भारतीय बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड ऑयल के **$102** प्रति बैरल के पार जाने से निवेशकों में हड़कंप मच गया है, जिससे ऑयल मार्केटिंग और एविएशन सेक्टर के शेयरों में जोरदार बिकवाली हुई है।

बाजार में मची खलबली

मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। इसके असर से घरेलू बाजार में बिकवाली का माहौल बना और BSE Sensex करीब 850 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ।

किन सेक्टरों पर पड़ी सबसे ज्यादा मार?

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ रहा है। BPCL, HPCL और IOC जैसे शेयरों में भारी दबाव देखा गया। जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल के दाम बढ़ने से इन कंपनियों के मार्जिन पर बुरा असर पड़ेगा।

इसके अलावा, एविएशन सेक्टर, जिसमें InterGlobe Aviation शामिल है, के लिए भी यह बड़ी चिंता का विषय है क्योंकि ईंधन की बढ़ती लागत एयरलाइंस के मुनाफे को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। साथ ही, पेंट और टायर बनाने वाली कंपनियां भी दबाव में हैं, क्योंकि उनके उत्पादन के लिए कच्चे तेल के डेरिवेटिव्स प्रमुख कच्चा माल हैं।

RBI का रुख और अन्य दबाव

बाजार की कमजोरी के पीछे केवल तेल के दाम ही नहीं हैं। RBI द्वारा रेपो रेट को बढ़ाकर 5.50% किए जाने से कर्ज महंगा हो गया है, जिसका असर कंपनियों की बैलेंस शीट पर पड़ रहा है। इसके साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर रखा है।

फिलहाल, निवेशकों की नजरें क्रूड ऑयल की कीमतों की स्थिरता और आने वाली तिमाही में कंपनियों के अर्निंग्स पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि कंपनियां अपनी ऑपरेटिंग लागत को कैसे मैनेज करती हैं और महंगाई के दौर में मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.