15 सितंबर 2026 को भारतीय बाजार में जोरदार बिकवाली देखी गई। Nifty 50 में **279** अंकों की गिरावट आई है, जिसकी मुख्य वजह वेस्ट एशिया में बढ़ता तनाव, **$107** के पार निकला कच्चा तेल और **9.92%** की महंगाई दर रही।
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार भारी दबाव में रहे। BSE Sensex 777.94 अंक गिरकर 74,003.82 पर और Nifty 50 279.50 अंक गिरकर 23,118.60 पर बंद हुआ। बाजार की शुरुआत में थोड़ी रिकवरी की कोशिश दिखी, लेकिन दिन भर यह कायम नहीं रह सकी।
एनर्जी संकट और भू-राजनीतिक तनाव
बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण वेस्ट एशिया में बढ़ता तनाव है। सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर की खबरों से ब्रेंट क्रूड ऑयल $107 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। भारत के लिए तेल की बढ़ती कीमतें चिंता का सबब हैं, क्योंकि यह फ्यूल इंपोर्ट बिल बढ़ाती हैं और कंपनियों के मार्जिन पर बुरा असर डालती हैं।
महंगाई और RBI की चुनौती
अगस्त में थोक महंगाई दर (WPI) बढ़कर 9.92% हो गई है, जो पिछले महीने 9.78% थी। इस आंकड़े ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है कि Reserve Bank of India को ब्याज दरों को ऊंचा रखना पड़ सकता है। साथ ही, US Treasury Yields में उछाल के कारण विदेशी निवेशक भारतीय बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं, जो एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
सेक्टर का हाल
रियल एस्टेट, मेटल और केमिकल सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली हुई। हालांकि, Nifty IT ने गिरावट के बीच भी खुद को संभाले रखा। मार्केट का डर मापने वाला India VIX 10% से ज्यादा उछलकर 13.57 के स्तर पर पहुंच गया है, जो निवेशकों की बढ़ती घबराहट को दर्शाता है। तकनीकी रूप से Nifty 50 अब 23,300 के अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ चुका है, और अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या बाजार 23,000 के स्तर पर संभल पाएगा।
