ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते आज भारतीय बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। शुक्रवार के कारोबार में Sensex **700 अंक** से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty में **1%** की गिरावट दर्ज की गई।
शुक्रवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही। ग्लोबल स्तर पर बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण निवेशकों का सेंटीमेंट बिगड़ गया है। BSE Sensex में 700 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ यह 74,200 के स्तर के पास कारोबार करता दिखा, वहीं NSE Nifty 1% फिसलकर 23,255 के आसपास पहुंच गया। इस बिकवाली के चलते बाजार के शुरुआती कुछ ही मिनटों में निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹6 लाख करोड़ की सेंध लग गई।
क्यों उछले कच्चे तेल के दाम?
बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह US-Iran के बीच बढ़ता तनाव है। इस तनाव ने ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते Brent Crude के दाम $108 प्रति बैरल के पार निकल गए हैं। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल के दाम बढ़ने का सीधा असर घरेलू महंगाई, ट्रेड डेफिसिट और कंपनियों के मार्जिन पर पड़ता है।
चौतरफा दबाव
बिकवाली सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1.5% तक नीचे गिर गए। बैंकिंग, मेटल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई, क्योंकि निवेशकों को डर है कि इनपुट कॉस्ट बढ़ने से कंपनियों के मुनाफे पर बुरा असर पड़ेगा। हालांकि, IT सेक्टर में थोड़ी मजबूती दिखी, जिसे निवेशक अनिश्चितता के दौर में सुरक्षित ठिकाना मानते हैं।
आगे क्या रखें नजर?
बाजार का अगला रुख कच्चे तेल की कीमतों और ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल हालातों पर टिका है। इसके अलावा, अमेरिका में बढ़ती बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व के रुख पर भी निवेशकों की नजर है। यदि कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहते हैं, तो इसका असर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की अगली पॉलिसी और घरेलू महंगाई के आंकड़ों पर देखने को मिल सकता है।
