वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें **$110** प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर दिखा है। आज के कारोबार में Sensex **700** अंक गिर गया है और Nifty **23,300** के स्तर के नीचे फिसल गया है।
बाजार में हाहाकार
शुक्रवार के शुरुआती सत्र में घरेलू बाजार में बिकवाली का माहौल रहा। BSE Sensex में करीब 700 अंकों की बड़ी गिरावट देखी गई, वहीं Nifty 50 अपने प्रमुख सपोर्ट लेवल 23,300 को तोड़कर 23,270 के आसपास खुला। मेटल, रियलिटी, ऑटो और पब्लिक सेक्टर बैंक जैसे प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिल रहा है।
क्यों चढ़ा पारा?
बाजार की इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह वेस्ट एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। कच्चे तेल के दाम $110 प्रति बैरल तक पहुंचने से निवेशक घबराए हुए हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में तेल की कीमतों में उछाल सीधे तौर पर महंगाई को बढ़ाने और करेंट अकाउंट बैलेंस (Current Account Balance) पर दबाव डालने का काम करता है।
एयरलाइन स्टॉक्स पर मार
क्रूड की कीमतों में आग लगने का सीधा असर एयरलाइन सेक्टर पर हुआ है। InterGlobe Aviation (IndiGo) के शेयरों में शुरुआती कारोबार में 3% की गिरावट दर्ज की गई। एविएशन फ्यूल की लागत बढ़ने से इन कंपनियों के मार्जिन पर सीधा असर पड़ता है, जिससे निवेशक इन शेयरों से दूरी बना रहे हैं।
क्या है RBI की चुनौती?
बढ़ते बॉन्ड यील्ड और FIIs की लगातार बिकवाली ने बाजार की चिंताएं और बढ़ा दी हैं। ग्लोबल अनिश्चितता के कारण इक्विटी के बजाय फिक्स्ड-इनकम एसेट अब निवेशकों को ज्यादा सुरक्षित लग रहे हैं। बाजार को अब डर इस बात का है कि अगर महंगाई काबू में नहीं आती, तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो जाएगा। फिलहाल पूरी नजर कच्चे तेल की चाल और ग्लोबल संकेतों पर टिकी है।
