ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के कारण BSE Sensex आज **650 पॉइंट्स** टूट गया है। ब्रेंट क्रूड के **$100** के स्तर को पार करने और बॉन्ड यील्ड में उछाल ने निवेशकों को डरा दिया है, जिससे रुपया भी **95.87** के निचले स्तर तक फिसल गया है।
भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त बिकवाली का माहौल है। BSE Sensex में 650 पॉइंट्स की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जबकि Nifty 50 इंडेक्स 23,300 के अहम स्तर के नीचे आ गया है। इस गिरावट के पीछे ग्लोबल स्तर पर बढ़ती ऊर्जा कीमतें और ब्याज दरों में बढ़ोतरी मुख्य कारण हैं।
क्रूड ऑइल का दबाव
ब्रेंट क्रूड के दाम $100 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गए हैं। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी पेंट, केमिकल और ऑटो कंपनियों की जेब पर भारी पड़ रही है। इन कंपनियों के लिए कच्चा माल महंगा होने से उनके मुनाफे पर बुरा असर पड़ने की आशंका है।
क्यों सुरक्षित एसेट्स की तरफ भाग रहे निवेशक?
दुनियाभर में बॉन्ड यील्ड तेजी से बढ़ रही है। 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5.11% पर पहुंच गई है, जो 2007 के बाद का उच्चतम स्तर है। वहीं, जापान की सरकारी बॉन्ड यील्ड भी 3.06% तक पहुंच गई है। जब सुरक्षित सरकारी बॉन्ड में बेहतर रिटर्न मिलता है, तो निवेशक शेयरों जैसे जोखिम भरे एसेट्स से पैसा निकालकर वहां शिफ्ट हो रहे हैं।
रुपया और सोना
करेंसी मार्केट में रुपये पर भी दबाव साफ दिख रहा है, जो डॉलर के मुकाबले 95.87 पर ट्रेड कर रहा है। कमजोर रुपया इंपोर्ट को महंगा बनाता है, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का भरोसा डगमगा रहा है। बाजार की इस उठापटक के बीच निवेशक सोने (Gold) को सुरक्षित ठिकाना मान रहे हैं, जिसकी कीमत $4,301.89 प्रति औंस तक पहुंच गई है। वहीं, बिटकॉइन मामूली तेजी के साथ $84,288.53 पर है। अब निवेशकों की नजर कंपनियों के अगले नतीजों और मैनेजमेंट की कमेंट्री पर टिकी है कि वे इस बढ़ती लागत को कैसे संभालते हैं।
