भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है। BSE Sensex **1,247** अंक लुढ़क गया है और **3** महीने के निचले स्तर पर आ गया है, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भारी सेंध लगी है।
बाजार में बिगड़ा सेंटीमेंट
आज के कारोबारी सत्र में शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली हावी रही। BSE Sensex 1,247.71 अंकों की गिरावट के साथ 73,580.54 पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 इंडेक्स 383.70 अंक टूटकर 23,063.10 के स्तर पर जा गिरा। दिसंबर के बाद यह पहली बार है जब बाजार इतने निचले स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।
बिकवाली की मार
बाजार की शुरुआत से ही गिरावट का दौर जारी रहा। लार्ज-कैप से लेकर मिड-कैप स्टॉक्स तक हर तरफ बिकवाली रही। बाजार के जानकारों का मानना है कि बुल (Bulls) इस स्तर पर पूरी तरह थक चुके हैं और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स अब अपना बचाव करने में जुट गए हैं। मार्केट में वॉलिटिलिटी इंडेक्स भी उछाल पर है, जो डर के माहौल को दर्शा रहा है।
क्रूड ऑयल का दबाव
बाजार के गिरने के पीछे क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें एक बड़ी वजह हैं। ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने महंगाई और फिस्कल स्टेबिलिटी को लेकर चिंताओं को बढ़ा दिया है। Sensex के 74,000 के साइकोलॉजिकल सपोर्ट लेवल के टूटने से ऑटोमेटेड स्टॉप-लॉस ट्रिगर हुए, जिससे गिरावट और भी गहरी हो गई। अब निवेशक तकनीकी संकेतों पर नजर गड़ाए हुए हैं कि क्या यह सिर्फ एक छोटी गिरावट है या फिर बाजार में एक बड़े डाउनट्रेंड की शुरुआत।
