भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty ने आज 3 सितंबर, 2026 को दायरे में कारोबार करते हुए अपनी तीन दिन की गिरावट पर ब्रेक लगा दिया है। बैंकिंग शेयरों में आई मजबूती ने बाजार को संभाले रखा, जबकि IT और कंज्यूमर सेक्टर में बिकवाली से बढ़त सीमित रही।
गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को बाजार में कंसोलिडेशन (Consolidation) का दौर देखने को मिला। तीन दिनों की लगातार गिरावट के बाद इंडेक्स ने रिकवरी की कोशिश की, लेकिन मिड-डे तक बाजार एक दायरे में सिमट कर रह गया।
बैंकिंग सेक्टर बना सहारा
बाजार को मजबूती देने का काम फाइनेंशियल स्टॉक्स ने किया। ICICI Bank, Axis Bank और HDFC Bank के शेयरों ने इंडेक्स को पॉजिटिव टेरिटरी में रखने में मदद की। खास बात यह रही कि RBL Bank ने इंट्राडे में अपना 52-वीक हाई छुआ। बैंक ने अपने बोर्ड की बैठक में EMTN प्रोग्राम के जरिए विदेशी मुद्रा बॉन्ड जारी कर फंड जुटाने पर विचार करने का फैसला लिया है, जिसका असर शेयर की कीमतों पर दिखा।
IT और FMCG पर दबाव
मार्केट में 'सेक्टर रोटेशन' का खेल चल रहा है। पैसा IT और FMCG जैसे भारी-भरकम सेक्टर से निकल रहा है, जिससे यहां लगातार सेलिंग प्रेशर देखा गया। ऑटो सेक्टर में भी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाते हुए मुनाफावसूली की।
इकोनॉमिक डेटा और ग्लोबल चिंताएं
अगस्त महीने के लिए HSBC India Services PMI का आंकड़ा 54.1 रहा, जो बताता है कि सर्विस सेक्टर में अभी भी ग्रोथ बनी हुई है। क्रूड ऑयल की कीमतें स्थिर होने से भी मार्केट को थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, निवेशक अब भी US-Iran तनाव और अमेरिका की Treasury Yields में हो रहे बदलावों पर नजर बनाए हुए हैं।
अब सबकी निगाहें शुक्रवार को आने वाले अमेरिका के Nonfarm payroll डेटा पर टिकी हैं, जिससे Federal Reserve की अगली पॉलिसी का रास्ता साफ होगा और ग्लोबल मार्केट में लिक्विडिटी की दिशा तय होगी।
