Sensex, Nifty में आई तूफानी तेजी! 2.5% चढ़कर तोड़ा 2 हफ्तों का डाउनट्रेंड

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Sensex, Nifty में आई तूफानी तेजी! 2.5% चढ़कर तोड़ा 2 हफ्तों का डाउनट्रेंड

भारतीय शेयर बाजारों ने इस हफ्ते शानदार वापसी की है। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों में **2.5%** से ज़्यादा की बढ़त दर्ज की गई। हालिया गिरावट के बाद आई इस तेजी की मुख्य वजह जून तिमाही के दमदार कॉरपोरेट नतीजे, विदेशी निवेशकों की वापसी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी रही। अब निवेशकों की नज़रें आने वाली पॉलिसी और इकोनॉमिक इंडिकेटर्स पर टिकी हैं।

लगातार 2 हफ्तों की गिरावट का अंत

भारतीय इक्विटी मार्केट ने इस हफ्ते एक मजबूत नोट पर सप्ताह का अंत किया है। BSE Sensex और Nifty 50 दोनों इंडेक्स 2.5% से ज़्यादा चढ़े, जिससे हालिया बिकवाली का दबाव कम हुआ जिसने व्यापक बाजार में निवेशकों की भावना को प्रभावित किया था। BSE Sensex 78,094.64 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 24,383.60 के स्तर पर पहुंच गया। इस उछाल से BSE में लिस्टेड फर्मों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में ₹10 लाख करोड़ से ज़्यादा का इजाफा हुआ है।

तेजी के पीछे के मुख्य कारण

इस रिकवरी को घरेलू और वैश्विक कारकों का सहारा मिला। जून तिमाही के कॉरपोरेट रिजल्ट्स उम्मीदों के मुताबिक या उससे बेहतर रहे हैं, जिसने प्राइस रिकवरी के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बाज़ार में वापसी की और ₹5,949.96 करोड़ का नेट इनफ्लो दर्ज किया। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी ₹5,387.66 करोड़ का अतिरिक्त निवेश किया।

सकारात्मक सेंटीमेंट को और हवा देते हुए, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) जैसे मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा पॉइंट्स में मजबूती देखी गई। कमोडिटी बाज़ार से भी राहत मिली क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई, जिससे घरेलू महंगाई के जोखिम को प्रबंधित करने में मदद मिली। इसके अलावा, मॉनसून की प्रगति भी स्थिर रही है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और समग्र खपत मांग के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी उछाल

इस रैली में ब्रॉड-बेस्ड पार्टिसिपेशन देखा गया, जहाँ Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 इंडेक्स दोनों 2% से ज़्यादा चढ़े। मिडकैप सेगमेंट में, Coforge, Laurus Labs और Container Corporation of India जैसे स्टॉक्स में महत्वपूर्ण गतिविधि देखी गई। स्मॉलकैप स्टॉक्स में Redington और Kaynes Technology India भी प्रमुख परफ़ॉर्मर्स में रहे। हालांकि, Suzlon Energy और Nuvama Wealth Management जैसी कंपनियों के प्रदर्शन ने दिखाया कि बाज़ार में भागीदारी चुनिंदा रही, और ये इस हफ्ते के बड़े गेनर्स में शामिल नहीं हो सके।

सेक्टोरल परफॉर्मेंस

सेक्टरों की बात करें तो, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) स्पेस सबसे आगे रहा, Nifty IT इंडेक्स 6.75% भागा। यह दिसंबर 2023 के बाद IT सेक्टर का सबसे मजबूत साप्ताहिक प्रदर्शन है, जो प्रमुख निर्यात बाज़ारों में डिमांड को लेकर नए विश्वास को दर्शाता है। मीडिया और ऑटो सेक्टरों में भी अच्छी खरीदारी देखी गई।

आगे क्या?

आगे चलकर, बाज़ार की दिशा प्रमुख आगामी घटनाओं से प्रभावित होने की संभावना है। निवेशक भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के आगामी मॉनेटरी पॉलिसी फैसले पर नज़र रख रहे हैं, जो लिक्विडिटी और ब्याज दरों की उम्मीदों के लिए एक बड़ा कारक है। इसके अतिरिक्त, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के आंकड़े घरेलू अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए बारीकी से देखे जाएंगे, साथ ही कोई भी बड़े भू-राजनीतिक बदलाव जो वैश्विक व्यापार और तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.