भारतीय बाजार आज संभलकर शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। पिछले सत्र में विदेशी निवेशकों (FIIs) ने ₹10,000 करोड़ के शेयर बेचे, जिससे सेंटीमेंट पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और महंगाई के आंकड़ों से जुड़ी चिंताओं के बीच निवेशकों की नजर निफ्टी के 22,500 के सपोर्ट लेवल पर रहेगी।
भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स BSE Sensex और NSE Nifty आज सुस्त शुरुआत की ओर बढ़ रहे हैं। GIFT Nifty के संकेत बता रहे हैं कि बाजार में निवेशकों की घबराहट साफ दिख रही है, जिससे शुरुआती कारोबार फ्लैट से नेगेटिव रह सकता है।\n\n### बिकवाली का दबाव\n\nबाजार में सुस्ती की मुख्य वजह विदेशी निवेशकों (FIIs) की तरफ से हुई भारी बिकवाली है। पिछले सत्र में इन्होंने लगभग ₹10,000 करोड़ के शेयर बाजार से बाहर निकाले हैं। हालांकि, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹7,000 करोड़ की खरीदारी कर सहारा देने की कोशिश की, लेकिन विदेशी बिकवाली का यह सिलसिला बाजार में रिकवरी के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।\n\n### अमेरिकी बाजार और ग्लोबल संकेत\n\nदबाव का दूसरा बड़ा कारण अमेरिका का डेट मार्केट है। 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.29% हो गई है, जो 2007 के बाद का उच्चतम स्तर है। जब यील्ड इतनी अधिक होती है, तो ग्लोबल निवेशक भारतीय जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी बॉन्ड में लगाना पसंद करते हैं। साथ ही, अब सभी की नजरें अमेरिका के नए महंगाई के आंकड़ों पर हैं, जो फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले की दिशा तय करेंगे।\n\n### टेक्निकल नजरिया\n\nटेक्निकल तौर पर देखें तो Nifty 22,716 पर बंद हुआ था। आज के लिए 22,800 का लेवल एक बड़ी बाधा (Hurdle) है। यदि इंडेक्स इसके ऊपर निकलता है, तो 23,000 के स्तर की उम्मीद की जा सकती है। सपोर्ट की बात करें तो 22,600 से 22,500 की रेंज काफी महत्वपूर्ण है। यदि इंडेक्स इसके नीचे फिसलता है, तो गिरावट 22,300 तक बढ़ सकती है।\n\nइसके अलावा, ब्रेंट क्रूड ऑयल $103 प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) भी बाजार के लिए एक 'वाइल्डकार्ड' की तरह है, जो एनर्जी-सेंसिटिव शेयरों में वोलेटिलिटी बढ़ा सकता है।
