भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार चौथे सत्र में रौनक दिखी। ब्रेंट क्रूड के **$101** प्रति बैरल से नीचे आने का फायदा निफ्टी को मिला, जो **23,400** के स्तर के पार पहुंच गया। हालांकि, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
राहत की खबर: क्रूड ऑयल में गिरावट
बाजार के जानकारों का मानना है कि ब्रेंट क्रूड का $101 के नीचे फिसलना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए काफी पॉजिटिव है। इससे इंपोर्ट कॉस्ट कम होगी और कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव घटेगा। यही वजह है कि निफ्टी 23,400 के अहम स्तर को पार कर बंद हुआ है।
बाजार का हाल: दिग्गजों में जोश, छोटे शेयरों में मायूसी
मार्केट ब्रड्थ की बात करें तो तस्वीर मिली-जुली है। निफ्टी 500 इंडेक्स में 285 शेयर लाल निशान में बंद हुए हैं, जो बताता है कि यह तेजी सिर्फ चुनिंदा लार्ज-कैप शेयरों तक ही सीमित है। निवेशक फिलहाल IT और मेटल्स से पैसा निकालकर फार्मा, हेल्थकेयर, रियल्टी और FMCG जैसे डिफेंसिव सेक्टर में लगा रहे हैं, जहां 1% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है।
संस्थागत निवेशकों का खेल
DII (Domestic Institutional Investors) का भरोसा बाजार पर कायम है और उन्होंने आज ₹1,000 करोड़ से ज्यादा की खरीदारी की है। हालांकि, FII (Foreign Institutional Investors) लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जो एक बड़ी रैली के लिए बाधा बना हुआ है।
टेक्निकल चार्ट क्या कहता है?
टेक्निकली, निफ्टी के लिए 23,500 से 23,600 के बीच रेजिस्टेंस है। बाजार को पूरी तरह बुलिश होने के लिए इस रेंज को पार करना होगा, जबकि नीचे की तरफ 23,200 का लेवल एक मजबूत सपोर्ट के तौर पर खड़ा है।
