गुरुवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार ने दम दिखाया है। Sensex में **354 अंकों** की तेजी रही, जबकि Nifty **22,726** के स्तर पर बंद हुआ। ग्लोबल मार्केट की गिरावट के बावजूद घरेलू IT स्टॉक्स में खरीदारी और क्रूड ऑयल की गिरती कीमतों ने बाजार को सहारा दिया है।
गुरुवार का ट्रेडिंग सेशन भारतीय निवेशकों के लिए काफी राहत भरा रहा। जहां दुनिया भर के प्रमुख एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखी गई, वहीं भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex 354 अंक उछलकर 73,157 पर और Nifty 96 अंक की बढ़त के साथ 22,726 पर बंद हुआ।
ग्लोबल मार्केट का दबाव
इस गिरावट की मुख्य वजह वॉल स्ट्रीट (Wall Street) का खराब प्रदर्शन रहा, जहां Nasdaq में करीब 2% की गिरावट दर्ज की गई। जापान का Nikkei 225 और दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स भी दबाव में दिखे। ग्लोबल निवेशक अमेरिका में बढ़ती महंगाई और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की आशंका से डरे हुए हैं, जिसका असर वहां के टेक स्टॉक्स पर दिख रहा है।
भारतीय बाजार को किसने दिया सहारा?
घरेलू बाजार में तेजी के पीछे दो बड़े ट्रिगर्स रहे:
- क्रूड ऑयल: ब्रेंट क्रूड की कीमतें 1.6% गिरकर $104.4 प्रति बैरल पर आ गई हैं। इससे भारत का इंपोर्ट बिल कम होने की उम्मीद है, जो महंगाई पर लगाम लगाने में मदद करेगा।
- IT सेक्टर में पैसा: भारतीय IT कंपनियों को निवेशक अब अमेरिकी टेक स्टॉक्स की तुलना में सुरक्षित मान रहे हैं, जिससे इस सेक्टर में पैसा रोटेट हो रहा है।
अभी भी हैं चुनौतियां
बाजार की इस मजबूती के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की सुस्ती चिंता का विषय है। बुधवार को FIIs ने भारतीय बाजार से ₹1,857 करोड़ की बिकवाली की है, जो यह दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के कारण वे अभी भी पैसा निकालने में लगे हैं।
अगले कुछ दिनों में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या भारतीय बाजार इस 'डिकपलिंग' (Decoupling) को बरकरार रख पाएंगे। विशेष रूप से HCLTech जैसी कंपनियों के नतीजे यह तय करेंगे कि भारतीय IT सेक्टर वैश्विक चुनौतियों के सामने कितना मजबूत खड़ा रह सकता है।
