ग्लोबल मार्केट से मिले सकारात्मक संकेतों के दम पर आज भारतीय शेयर बाजार में रिकवरी देखी गई। US ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल के दाम कम होने से सेंटीमेंट सुधरा है, जिससे बाजार में खरीदारी लौटी है।
बाजार में सुधार की मुख्य वजह
मंगलवार को भारतीय बाजार में काफी समय बाद राहत भरी सांस ली गई। पिछले कई हफ्तों से जारी बिकवाली के बाद आज बेंचमार्क इंडेक्स, Sensex और Nifty 50 में बढ़त देखने को मिली। इस रिकवरी के पीछे मुख्य रूप से दो अंतरराष्ट्रीय फैक्टर रहे—US ट्रेजरी यील्ड में नरमी और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई गिरावट। भारत के लिए कच्चे तेल के दाम कम होना एक बड़ी राहत है, क्योंकि इससे सरकारी खजाने पर दबाव कम होता है और महंगाई दर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
बैंकिंग का साथ, IT की सुस्ती
बाजार का मूड मिला-जुला है। एक तरफ HDFC Bank जैसे बड़े फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी लौटी है, जिससे इंडेक्स को मजबूती मिली है। वहीं दूसरी ओर, IT सेक्टर अभी भी दबाव में दिख रहा है। HCL Technologies, Infosys और Tata Consultancy Services जैसे दिग्गजों के शेयर फिसलने से Nifty IT इंडेक्स नीचे रहा। बाजार के जानकारों का मानना है कि ग्लोबल अनिश्चितता के कारण IT कंपनियों के मार्जिन और बजट पर असर पड़ने का डर बना हुआ है।
आगे क्या है रणनीति?
मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी मजबूती बनी हुई है, जो दिखाता है कि निवेशक अभी भी अच्छे अवसरों की तलाश में हैं। अब सबकी नजरें संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की जनरल असेंबली पर टिकी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक हलचल पर बाजार की पैनी नजर है, क्योंकि किसी भी तरह का तनाव क्रूड ऑयल की कीमतों को फिर से आसमान पर पहुंचा सकता है। साथ ही, हालिया IPOs से बाजार में आई लिक्विडिटी के कारण ट्रेडर्स अब वॉल्यूम पर भी नजरें टिकाए हुए हैं।
