भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को जोरदार वापसी देखने को मिली। पिछले दो दिनों की गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर जमकर खरीदारी (Value Buying) की, जिससे BSE Sensex और Nifty 50 में तेजी दर्ज की गई।
भारतीय इक्विटी मार्केट में आज, 28 अगस्त 2026, की शुरुआत काफी मजबूत रही। पिछले दो कारोबारी सत्रों की लगातार गिरावट के बाद, BSE Sensex 77,200 के स्तर के करीब पहुंच गया, जबकि Nifty 50 फिर से 24,100 के पार निकल गया। इस रिकवरी के पीछे मुख्य वजह 'बार्गेन हंटिंग' रही, जहाँ गुरुवार की भारी बिकवाली के बाद निवेशकों ने क्वालिटी स्टॉक्स को सस्ते दाम पर खरीदने का मौका नहीं चूका।
ग्लोबल मार्केट का सपोर्ट
इस तेजी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी सहारा मिला। खासकर अमेरिका में Nvidia के शानदार अर्निंग्स के बाद वहां के टेक स्टॉक्स में जबरदस्त रैली देखी गई, जिसका पॉजिटिव असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। इससे घरेलू निवेशकों को काफी राहत मिली है जो हाल के दिनों में मार्केट की बड़ी वोलेटिलिटी (Volatility) से परेशान थे।
क्या है आगे का रिस्क?
बाजार में राहत तो है, लेकिन निवेशकों की नजर अभी भी ग्लोबल संकेतों पर टिकी है। अमेरिका में आयोजित होने वाला Jackson Hole Symposium सबसे महत्वपूर्ण है, जहाँ अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयर Kevin Warsh की मॉनेटरी पॉलिसी पर टिप्पणी का इंतजार है। ब्याज दरों को लेकर उनके संकेत भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट्स में विदेशी निवेश (FPI flows) की दिशा तय करेंगे।
कच्चे तेल और जियोपॉलिटिक्स का असर
एनर्जी सेक्टर पर भी बाजार की बारीक नजर है। ब्रेंट क्रूड ऑयल $88 प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। भारत के लिए कच्चे तेल की ऊंची कीमतें इन्फ्लेशन और कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं। वहीं, 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण भी सप्लाई चेन को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। इसके अलावा, हाल ही में बदले गए क्लोजिंग ऑक्शन रूल्स के कारण मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है, जिस पर भी ट्रेडर्स की नजर है।
