दस हफ्तों की लगातार गिरावट के बाद भारतीय बाजारों में शुक्रवार को रिकवरी देखी गई। वैल्यू बाइंग और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण Sensex और Nifty संभले हैं।
लंबे समय से जारी गिरावट के बाद शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में राहत की सांस देखी गई। S&P BSE Sensex और Nifty 50 ने पिछली गिरावट के बाद अपनी खोई हुई रफ्तार फिर से पकड़ी है। इस तेजी के पीछे की सबसे बड़ी वजह 'वैल्यू बाइंग' है, क्योंकि निवेशक उन क्वालिटी स्टॉक्स को पोर्टफोलियो में शामिल कर रहे हैं जो बीते 10 हफ्तों की बिकवाली के बाद सस्ते हो गए थे। बाजार में डर का माहौल भी कम हुआ है, क्योंकि इंडिया VIX (India VIX) में 3% की गिरावट दर्ज की गई और यह 12.32 के स्तर पर आ गया है।
कच्चे तेल से मिली राहत
घरेलू बाजार को ग्लोबल लेवल से भी सपोर्ट मिला है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई नरमी निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) के दाम 0.82% फिसलकर $105.73 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि WTI क्रूड 1.65% गिरकर $93.05 पर आ गया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में गिरावट महंगाई के मोर्चे पर राहत देने वाली साबित हो सकती है। हालांकि, कीमतें अब भी $100 के पार बनी हुई हैं, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।
तकनीकी संकेत क्या कहते हैं?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,200 से 23,300 का दायरा एक मजबूत रेजिस्टेंस (Resistance) बना हुआ है। यदि निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकने में नाकाम रहता है, तो मुनाफावसूली का दबाव फिर से लौट सकता है। वहीं, नीचे की ओर 23,000 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट (Support) के रूप में काम कर रहा है, जहां पुट ओपन इंटरेस्ट (Put Open Interest) की काफी संख्या देखी गई है। अगर निफ्टी 23,300 के स्तर को पार कर लेता है, तो आगे 23,500 के लक्ष्य देखे जा सकते हैं, लेकिन अभी बाजार का मूड थोड़ा सतर्क बना हुआ है।
