शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार सुबह की बढ़त को बरकरार नहीं रख पाए। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों ने सेंटिमेंट बिगाड़ दिया है। FIIs की बिकवाली और निराशाजनक नतीजों के बीच Nifty के लिए **22,900** का लेवल अहम सपोर्ट बना हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को ऊपरी स्तरों से दबाव देखने को मिला। सुबह की शानदार शुरुआत के बाद, ग्लोबल बाजारों की कमजोरी और घरेलू स्तर पर बिकवाली के चलते Sensex और Nifty के गेन्स कम हो गए। Nifty जो सुबह 23,118 के स्तर तक पहुंचा था, वहां से फिसलकर नीचे आ गया।
ग्लोबल मार्केट का दबाव
घरेलू बाजार की गिरावट के पीछे ग्लोबल फैक्टर्स का बड़ा हाथ है। जापान के Nikkei 225 और साउथ कोरिया के Kospi जैसे प्रमुख एशियाई सूचकांकों में तेज गिरावट आई। अमेरिका में टेक कंपनियों के धीमे नतीजों की चिंता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसके अलावा, Brent Crude की कीमतें बढ़कर $117 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। भारत एक बड़ा एनर्जी इंपोर्टर है, ऐसे में तेल की महंगाई से देश के कॉर्पोरेट प्रॉफिट पर असर पड़ना लाजमी है।
FIIs की बिकवाली और कॉर्पोरेट नतीजे
बाजार में FIIs के व्यवहार में भी बदलाव आया है। गुरुवार को इन्होंने ₹944 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की, जो बाजार के रुख को प्रभावित कर रही है। वहीं, कुछ कंपनियों के नतीजों ने भी निवेशकों को निराश किया। Coal India के शेयर 2.5% लुढ़क गए क्योंकि कंपनी के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे। इसके अलावा, Paradeep Phosphates और Thyrocare Technologies के शेयरों में भी भारी गिरावट देखी गई।
क्या है अगला सपोर्ट?
टेक्निकल तौर पर Nifty के लिए 22,900 का स्तर एक क्रिटिकल सपोर्ट जोन बन चुका है। अगर इंडेक्स इससे नीचे फिसलता है, तो यह 22,730 से 22,750 के रेंज तक जा सकता है। निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल के भाव और विदेशी निवेश (FII flows) की निरंतरता पर टिकी है।
