ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में आज कमजोरी देखी गई। Brent Crude के **$97** के करीब पहुंचने से महंगाई का डर बढ़ गया है, जिससे BSE Sensex और NSE Nifty 50 पर दबाव बना हुआ है।
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को कमजोरी के साथ हुई। BSE Sensex 380 अंक से ज्यादा टूटकर 75,750 के स्तर पर आ गया, वहीं NSE Nifty 50 भी 23,750 के अहम मार्क के नीचे फिसल गया है।
क्रूड ऑयल का असर
बाजार की इस सुस्ती के पीछे सबसे बड़ा कारण ग्लोबल एनर्जी कीमतों में उछाल है। Brent Crude $97 प्रति बैरल के करीब पहुंच चुका है, जो भारत के इंपोर्ट बिल और घरेलू महंगाई के लिए एक बड़ा खतरा है। मिडिल ईस्ट में US-Iran के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित रुकावटों ने ग्लोबल सप्लाई चेन को लेकर अनिश्चितता पैदा कर दी है। इसका सीधा असर भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ने की आशंका है।
टेक्निकल लेवल्स और इंस्टीट्यूशनल डेटा
मार्केट एनालिस्ट्स अब टेक्निकल चार्ट्स पर पैनी नजर रख रहे हैं। Nifty 50 का 23,750 के ऊपर टिक न पाना यह संकेत दे रहा है कि इंडेक्स 23,500–23,600 के सपोर्ट जोन की तरफ खिसक सकता है।
लिक्विडिटी की बात करें तो पिछले सत्र में विदेशी निवेशकों (FIIs) ने करीब ₹280 करोड़ और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹566 करोड़ की खरीदारी की थी। हालांकि, नेट बाइंग के बावजूद ग्लोबल सेंटिमेंट काफी कमजोर है, क्योंकि निवेशक US फेडरल रिजर्व की अगली चाल और ग्लोबल फंड फ्लो पर नजर बनाए हुए हैं।
आगे क्या?
बाजार की दिशा अब पूरी तरह से कच्चे तेल की कीमतों और मिडिल ईस्ट की स्थिति पर टिकी है। इंडेक्स के बड़े स्टॉक्स (Heavyweights) का प्रदर्शन अगले कुछ दिनों में बेहद अहम रहने वाला है, ताकि बाजार में बड़ी गिरावट को रोका जा सके।
