Sensex-Nifty Crash: शेयर बाजार में हाहाकार! 52-week लो पर पहुंचा इंडेक्स, डूबे ₹10.51 लाख करोड़

ECONOMY
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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Sensex-Nifty Crash: शेयर बाजार में हाहाकार! 52-week लो पर पहुंचा इंडेक्स, डूबे ₹10.51 लाख करोड़

ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों और बढ़ते क्रूड ऑयल के दामों के कारण आज भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। Nifty 50 अपने 52-week के निचले स्तर पर फिसल गया है, जिससे निवेशकों को **₹10.51 लाख करोड़** का बड़ा झटका लगा है।

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली का दौर रहा। BSE Sensex 1,177 अंक यानी 1.62% गिरकर 71,461.62 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 में भी लगभग 1.7% की गिरावट आई और यह 22,181 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया, जो इसका नया 52-week लो है।

बाजार पर चौतरफा दबाव

इस गिरावट के पीछे विदेशी और घरेलू दोनों कारण जिम्मेदार हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते Brent crude ऑयल की कीमतें $104 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं, जिससे कंपनियों के मुनाफे और इंपोर्ट बिल पर दबाव बढ़ गया है। वहीं, US 10-year Treasury yields में उछाल के कारण ग्लोबल निवेशक उभरते बाजारों (Emerging Markets) से पैसा निकाल रहे हैं, जिसका सीधा असर भारतीय इक्विटी पर दिख रहा है।

RBI की पॉलिसी और बढ़ता डर

घरेलू मोर्चे पर Reserve Bank of India के 'कैलिव्रेटेड टाइटनिंग' (Calibrated Tightening) के रुख ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय बैंक के इस संकेत से साफ है कि महंगाई को कंट्रोल करने के लिए ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं, जिससे कंपनियों के लिए कैपिटल कॉस्ट बढ़ रही है। इसका असर मार्केट में भी दिख रहा है, जहां India VIX (वोलाटिलिटी इंडेक्स) में तेज उछाल आया है, जो बाजार में आने वाले दिनों में और उठा-पटक का संकेत है।

अब आगे क्या?

निवेशकों की नजर अब FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशक) के रुख पर टिकी है, जो लगातार बाजार से बिकवाली कर रहे हैं। बाजार को संभालने के लिए FIIs की खरीद शुरू होना बहुत जरूरी है। साथ ही, आगामी तिमाही नतीजों में कंपनियां बढ़ती लागत को कैसे मैनेज कर रही हैं, इस पर भी बाजार की चाल निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.