अक्टूबर के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। BSE Sensex और NSE Nifty 50 में गिरावट का सिलसिला जारी है। सितंबर में Nifty 50 में **6.1%** की बड़ी गिरावट के बाद निवेशक अब भी सतर्क नजर आ रहे हैं।
अक्टूबर के महीने की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए सुस्त रही है। 1 अक्टूबर 2026 को BSE Sensex 287.4 अंक फिसलकर 72,192.89 पर खुला, वहीं NSE Nifty 50 76.75 अंक की गिरावट के साथ 22,543.70 पर कारोबार करता दिखा। यह गिरावट सितंबर की उस कमजोरी का विस्तार है, जिसमें Nifty 50 ने 6.1% का गोता लगाया था। यह मार्च के बाद से निफ्टी में आई सबसे बड़ी मासिक गिरावट है।\n\n### बिकवाली की असली वजह क्या है?\nबाजार पर इस वक्त चौतरफा दबाव है। Foreign Institutional Investors (FIIs) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। पिछले कारोबारी सत्र में ही FIIs ने ₹9,980.22 करोड़ के शेयर बेच दिए, जिससे बाजार में लिक्विडिटी की भारी कमी आ गई है।\n\n### ग्लोबल मार्केट का असर\nग्लोबल स्तर पर दो बड़े कारण बाजार की चिंता बढ़ा रहे हैं:\n1. US Treasury Yields: अमेरिका में बढ़ती ब्याज दरों के कारण ग्लोबल फंड्स उभरते बाजारों से पैसा निकालकर वहां शिफ्ट कर रहे हैं।\n2. क्रूड ऑयल: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊपर जा रही हैं। तेल महंगा होने से भारतीय कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ता है और इनपुट कॉस्ट बढ़ती है।\n\nइसके अलावा, बाजार में हाल ही में आए कई IPOs के कारण भी नकदी फंस गई है, जिसका असर सीधे सेकेंडरी मार्केट पर पड़ रहा है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है जब तक कि ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती।
