Sensex और Nifty में सुस्ती: ग्लोबल दबाव के चलते बाजार में **0.4%** की गिरावट

ECONOMY
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AuthorAditya Rao|Published at:
Sensex और Nifty में सुस्ती: ग्लोबल दबाव के चलते बाजार में **0.4%** की गिरावट

31 अगस्त, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिली। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल चिंताओं के कारण Sensex **307 अंक** लुढ़क गया, जबकि Nifty 50 इंडेक्स **24,100** के स्तर के नीचे बंद हुआ।

भारतीय शेयर बाजार में 31 अगस्त, 2026 को बिकवाली हावी रही। BSE Sensex 307.24 अंक यानी 0.40% गिरकर 76,957.27 पर बंद हुआ। वहीं, NSE Nifty 50 में 95.25 अंक या 0.39% की गिरावट आई और यह 24,080.40 पर सिमट गया। बाजार में दिनभर डिफेंसिव रुख देखने को मिला, क्योंकि निवेशक हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली (Profit Booking) करते नजर आए।

ग्लोबल दबाव की वजह क्या है?

बाजार की सुस्ती के पीछे सबसे बड़ी वजह ग्लोबल सेंटीमेंट है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे घरेलू बाजार का मूड बिगड़ गया है। भारत के लिए महंगी क्रूड ऑयल कीमतें चिंता का विषय होती हैं, क्योंकि इससे इंपोर्ट बिल बढ़ जाता है और ट्रेड बैलेंस पर दबाव आता है। इसके अलावा, अमेरिका में फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे विदेशी निवेशकों का फ्लो प्रभावित हो रहा है।

किन सेक्टरों में दिखी सबसे ज्यादा मार?

आज के कारोबार में IT, मेटल, रियलिटी और मीडिया सेक्टर में काफी बिकवाली रही, जिसने इंडेक्स को नीचे खींचा। बाजार में कोई भी बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर न होने के कारण चौतरफा सुस्ती छाई रही।

अब आगे क्या?

निवेशक अब अगली दिशा तय करने के लिए अहम डेटा पर नजर गड़ाए हुए हैं। जल्द ही आने वाले Q1 FY27 के GDP आंकड़े और अमेरिका का नॉन-फार्म पेरोल डेटा मार्केट के लिए अगले बड़े कैटालिस्ट साबित हो सकते हैं। साथ ही, MSCI इंडेक्स रिशफलिंग को लेकर भी बाजार में हलचल बनी रह सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.