ग्लोबल मार्केट के खराब संकेतों और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को गिरावट देखी गई। Sensex और Nifty दबाव में रहे, हालांकि IT और बैंकिंग सेक्टर के सपोर्ट ने बाजार को बड़ी गिरावट से बचा लिया।
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स भारी उतार-चढ़ाव के बीच लाल निशान में बंद हुए। BSE Sensex 120.83 अंक फिसलकर 74,781.76 पर और NSE Nifty 79.70 अंक गिरकर 23,398.10 पर सिमट गया।\n\nदिन के कारोबार के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब Sensex 742 अंक तक नीचे चला गया था, जो बाजार में जबरदस्त बिकवाली के दबाव को दर्शाता है। हालांकि, दिन के आखिरी घंटों में हुई मामूली रिकवरी ने बाजार को और ज्यादा गिरने से बचा लिया।\n\n### बाजार में कमजोरी की असली वजह\n\nबाजार के गिरनें के पीछे सबसे बड़ी वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है, जो $104 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। महंगे तेल का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये की वैल्यू पर पड़ता है। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने भी सेंटीमेंट को बिगाड़ दिया है। ग्लोबल फ्रंट पर भी निकेई 225 (Nikkei 225) और हैंग सेंग (Hang Seng) जैसे बाजारों का दबाव भारतीय मार्केट पर साफ दिखा।\n\n### सेक्टर का हाल और आउटलुक\n\nबाजार की इस सुस्ती में IT सेक्टर और HDFC Bank ने एक ढाल की तरह काम किया और बाजार को संभाला। वहीं दूसरी तरफ, मेटल, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में भारी बिकवाली देखी गई। Reliance Industries, Tata Steel और Larsen & Toubro जैसे दिग्गज शेयरों में दबाव के कारण इंडेक्स रिकवर नहीं कर पाए।\n\nफिलहाल निवेशकों के लिए सावधानी बरतना ही बेहतर है। मार्केट एक दायरे में फंसा हुआ है और अब सबकी नजरें विदेशी फंड्स के फ्लो और कच्चे तेल की कीमतों पर टिकी हैं।
