बुधवार के कारोबारी सत्र में Sensex **169** अंक उछलकर **74,698** पर और Nifty **23,350** के पार बंद हुआ। क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट और ग्लोबल टेक सेक्टर से मिले सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का हौसला बढ़ाया है।
बाजार की चाल और क्रूड का कनेक्शन
बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में शानदार रिकवरी देखने को मिली। S&P BSE Sensex 169.57 अंकों की बढ़त के साथ 74,698.65 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 50 49.80 अंकों की मजबूती के साथ 23,350 के स्तर को पार कर गया। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी है।
Brent crude का भाव गिरकर $99.18 प्रति बैरल पर आ गया है, वहीं West Texas Intermediate (WTI) भी $90.17 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। भारत के लिए यह राहत की खबर है, क्योंकि सस्ता तेल आने से देश के इम्पोर्ट बिल पर दबाव कम होता है, जो अंततः करेंसी स्टेबिलिटी और सरकारी खजाने के लिए फायदेमंद है।
टेक सेक्टर का सहारा
घरेलू बाजार की तेजी में टेक्नोलॉजी शेयरों का भी बड़ा योगदान रहा। US का Nasdaq Composite इंडेक्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ती मांग के चलते नई ऊंचाइयों को छू रहा है। भारतीय IT कंपनियां बड़े पैमाने पर ग्लोबल डिमांड पर निर्भर हैं, इसलिए अमेरिकी टेक रैली का असर हमारे घरेलू IT स्टॉक्स पर भी साफ़ दिखाई दिया।
सतर्क रहने की जरूरत क्यों?
बाजार में तेजी तो है, लेकिन ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ग्लोबल सेंट्रल बैंक्स की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता कभी भी मूड बिगाड़ सकती है। फिलहाल निवेशकों की नजरें क्रूड ऑयल की स्थिरता पर टिकी हैं, क्योंकि किसी भी सप्लाई डिसरप्शन से मार्केट का रुख पल भर में बदल सकता है।
