Sensex और Nifty में मामूली रिकवरी, हफ्ते भर की गिरावट के बाद संभले बाजार

ECONOMY
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Sensex और Nifty में मामूली रिकवरी, हफ्ते भर की गिरावट के बाद संभले बाजार

शुक्रवार को भारतीय बाजारों ने भारी बिकवाली के बाद एक हल्की रिकवरी की कोशिश की है। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, यूएस बॉन्ड यील्ड में उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के कारण बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

शुक्रवार की शुरुआत में भारतीय बाजार मामूली बढ़त के साथ खुले। BSE Sensex 155 अंक चढ़कर 73,736 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि NSE Nifty 50 23,095 के आसपास ट्रेड करता दिखा। यह छोटी राहत तब आई है जब गुरुवार को बाजार में पिछले 10 हफ्तों की सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट देखी गई थी। हालांकि इंडेक्स हरे निशान में हैं, लेकिन निवेशकों का भरोसा अभी भी नाजुक है क्योंकि यह लगातार 7वां हफ्ता है जब बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट की ओर बढ़ रहे हैं।\n\nबाजार की सबसे बड़ी चिंता महंगाई का दबाव है। क्रूड ऑयल की कीमतें $106 प्रति बैरल के पास बनी हुई हैं, जो भारत के इंपोर्ट बिल को सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं। एक बड़ा एनर्जी आयातक होने के नाते, तेल की ऊंची कीमतें कंपनियों के मार्जिन पर चोट कर रही हैं, विशेषकर ट्रांसपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में।\n\nइसके अलावा, ग्लोबल इंटरेस्ट रेट्स का असर भी साफ दिख रहा है। अमेरिकी 30-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड 2 दशक के उच्च स्तर पर है। जब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो विदेशी निवेशकों के लिए इमर्जिंग मार्केट्स के बजाय अमेरिकी बाजार ज्यादा सुरक्षित निवेश बन जाते हैं। इसका सीधा असर गुरुवार को दिखा, जब फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने भारतीय शेयरों में ₹50.27 अरब की शुद्ध बिकवाली की।\n\nभू-राजनीतिक तनाव भी बाजार के मूड को खराब कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में संभावित हलचल पर नजरें टिकी हैं, जिसका असर ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर पड़ सकता है। फिलहाल, जब तक क्रूड ऑयल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं और विदेशी बिकवाली का दबाव कम नहीं होता, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.