27 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाजार में सुस्ती देखी गई। Sensex और Nifty शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख सके, क्योंकि ऑटो और FMCG सेक्टर में भारी बिकवाली का दबाव बना रहा।
बाजार का हाल
गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को बाजार ने एक सकारात्मक शुरुआत की कोशिश की, लेकिन जल्द ही सेंटीमेंट बदल गया। मिड-मॉर्निंग तक Sensex 92 अंक फिसलकर 77,380 पर आ गया, जबकि Nifty50 19 अंक की गिरावट के साथ 24,188 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। बाजार में बिकवाली का मुख्य कारण ऑटो और FMCG सेक्टर का कमजोर प्रदर्शन रहा। इसके विपरीत, मेटल और रियल्टी सेक्टर ने थोड़ी मजबूती दिखाई है, जिससे पता चलता है कि निवेशक अब चुनिंदा सेक्टर्स पर दांव लगा रहे हैं।
ग्लोबल और घरेलू दबाव
बाजार की नजरें फिलहाल ग्लोबल संकेतकों पर टिकी हैं। US Inflation डेटा और Nvidia के अर्निंग्स को लेकर अनिश्चितता का माहौल है, जो टेक शेयरों को प्रभावित कर सकता है। वहीं, पश्चिम एशिया में चल रहे जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण निवेशकों का रिस्क लेने का मन नहीं कर रहा है। घरेलू स्तर पर, लगातार आ रहे IPO ने सेकेंडरी मार्केट की लिक्विडिटी को काफी हद तक खींच लिया है, जिसका असर ब्लू-चिप शेयरों में दिख रहा है।
स्टॉक्स का एक्शन
- ICICI Prudential AMC: एक बड़े ब्लॉक डील के कारण शेयर में 5% की गिरावट देखी गई।
- Bombay Burmah Trading Corp: लीज-रेंट क्लेम पर सकारात्मक खबर आने के बाद शेयर में तेजी रही।
- Bharat Electronics: नए ऑर्डर मिलने की खबर से स्टॉक में खरीदारी का रुझान दिखा।
टेक्निकल आउटलुक
ट्रेडर्स की नजरें अब Nifty के 24,150 के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल पर टिकी हैं। अगर इंडेक्स इस लेवल को नहीं बचा पाया, तो बिकवाली और तेज हो सकती है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या बाजार नए IPOs की लिक्विडिटी डिमांड को सोख पाता है या नहीं।
