Sensex, Nifty: क्रूड का $107 का स्तर और US Yields में उछाल, बाजार में क्यों मची खलबली?

ECONOMY
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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Sensex, Nifty: क्रूड का $107 का स्तर और US Yields में उछाल, बाजार में क्यों मची खलबली?

15 सितंबर, 2026 को भारतीय बाजार में शुरुआती तेजी टिक नहीं पाई। ब्रेंट क्रूड ऑयल के **$107** प्रति बैरल तक पहुंचने और अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड के **5%** के अहम स्तर को छूने से निवेशकों में चिंता है।

भारतीय शेयर बाजारों में 15 सितंबर, 2026 को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाजार में एक दिन की छुट्टी के बाद अच्छी शुरुआत हुई थी, लेकिन ग्लोबल मैक्रो-इकोनॉमिक दबावों के आगे यह तेजी टिक नहीं सकी।

एनर्जी और बॉन्ड यील्ड का गणित

ब्रेंट क्रूड के $107 प्रति बैरल के पास बने रहने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है, जो सीधे तौर पर कंपनियों के मार्जिन पर असर डाल रहा है। वहीं, अमेरिका में 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड का 5% तक पहुंचना, जो कि अक्टूबर 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है, उभरते बाजारों (Emerging Markets) के लिए खतरे की घंटी है। इससे FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशक) का पैसा वापस अमेरिका की ओर रुख कर सकता है।

सेक्टर का हाल और गिरता रुपया

बाजार की चाल में साफ बिखराव दिखा। जहां IT शेयरों ने थोड़ा सहारा दिया, वहीं डिफेंस, रियल्टी और मेटल सेक्टर के शेयर लाल निशान में बंद हुए। इस बीच भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले 95.91 के 6-हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया है, जिससे RBI की मौद्रिक नीति के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं।

निवेशकों की नजर कहां है?

अब सबकी निगाहें अमेरिका की फेडरल रिजर्व (US Fed) की आने वाली ब्याज दरों की बैठक पर हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतों और फेड की पॉलिसी को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.