बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल रहा। आईटी, एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर में भारी बिकवाली के चलते बाजार अपनी शुरुआती बढ़त को गंवा बैठे और अंत में लाल निशान में बंद हुए।
भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए बुधवार, 26 अगस्त 2026 का सत्र काफी संभला हुआ रहा। दिन की शुरुआत सकारात्मक नोट पर हुई थी, लेकिन बढ़ते समय के साथ मुनाफावसूली हावी हो गई। BSE Sensex 41.78 अंक या 0.05% की गिरावट के साथ 77,614.31 पर बंद हुआ। वहीं, NSE Nifty 50 भी 57.65 अंक यानी 0.24% गिरकर 24,276.90 पर सेटल हुआ।
क्यों दबाव में दिखा बाजार?
बाजार में इस गिरावट की बड़ी वजह आईटी, एफएमसीजी और ऑटो जैसे प्रमुख सेक्टर्स में बिकवाली रही। फिलहाल ट्रेडर्स मंथली डेरिवेटिव्स (F&O) एक्सपायरी के चलते बढ़ी हुई वोलेटिलिटी से जूझ रहे हैं, जहां निवेशक अपनी पोजिशन एडजस्ट कर रहे हैं।
ग्लोबल संकेत और क्रूड ऑयल
वैश्विक मोर्चे पर, ब्रेंट क्रूड ऑयल में 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जो अब $86.30 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। 'होरमुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को लेकर चल रही कूटनीतिक चर्चाओं का असर तेल की कीमतों पर दिख रहा है, जो भारत जैसे एनर्जी इम्पोर्ट करने वाले देशों के लिए अहम फैक्टर है।
Adani Energy का बड़ा प्रोजेक्ट
बाजार की सुस्ती के बीच Adani Energy Solutions ने एक बड़ी खबर दी है। कंपनी ने महाराष्ट्र में ₹4,700 करोड़ का पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट हासिल किया है। इस तरह के कंपनी-स्पेसिफिक अपडेट्स निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं।
अगले सत्रों के लिए Nifty 50 के 24,300 के सपोर्ट लेवल पर सभी की निगाहें टिकी हैं। अब यह देखना होगा कि आने वाले ग्लोबल मैक्रो डेटा और एक्सपायरी के बाद मार्केट में स्थिरता आती है या बिकवाली और बढ़ती है।
