सोमवार को Sensex और Nifty में अच्छी तेजी देखने को मिली। इसकी मुख्य वजह Brent Crude ऑयल की कीमतों में करीब **5%** की गिरावट है, जो घटकर **$83.5** प्रति बैरल पर आ गई है। तेल की कीमतों में नरमी और भू-राजनीतिक तनाव कम होने से मार्केट सेंटिमेंट सुधरा है और वोलेटिलिटी इंडेक्स (VIX) में भी गिरावट आई है।
भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते की शुरुआत शानदार तेजी के साथ की। BSE Sensex 550 अंकों से ज्यादा चढ़कर खुला, वहीं Nifty भी ऊपर की ओर बढ़ा। इस तेजी का सबसे बड़ा कारण ग्लोबल ऑयल की कीमतों में आई भारी गिरावट है।
तेल की कीमतों में गिरावट का असर
Brent Crude ऑयल $83.5 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। भारत जैसे देश के लिए यह एक बड़ी राहत की बात है, क्योंकि इससे देश के व्यापार घाटे (Trade Balance) को फायदा होता है और तेल पर निर्भर कंपनियों के लिए इनपुट कॉस्ट (Input Cost) कम होती है, जिससे महंगाई का दबाव भी घटता है।
भू-राजनीतिक तनाव में कमी
मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। ईरान को लेकर कूटनीतिक चर्चाओं की खबरों ने ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर बाजार की चिंताओं को शांत किया है। इससे तेल के सप्लाई रूट, जैसे कि स्ट्रेट ऑफ Hormuz, की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता कम हुई है, जिसके चलते इक्विटी मार्केट में खरीदारी बढ़ी है।
VIX में गिरावट
बाजार की इस बदली हुई भावना का असर इंडिया VIX (Volatility Index) पर भी दिखा है। यह इंडेक्स 11.75 के स्तर पर आ गया है, जो दर्शाता है कि बाजार के प्रतिभागी पिछली ट्रेडिंग सेशंस की तुलना में अचानक और बड़ी प्राइस मूवमेंट को लेकर कम चिंतित हैं।
टेक्निकल लेवल्स पर नजर
टेक्निकल चार्ट्स पर, बाजार अहम स्तरों का परीक्षण कर रहा है। विश्लेषकों की नजर Nifty के लिए 24,600 के लेवल पर है, जो एक शॉर्ट-टर्म हर्डल (Short-term Hurdle) साबित हो सकता है। नीचे की ओर, 24,100 का लेवल सपोर्ट का काम कर सकता है, जहां महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज (Moving Averages) मौजूद हैं।
फिलहाल, यह तेजी कितनी सस्टेन (Sustain) करेगी, यह तेल की कीमतों के स्थिर रहने और वैश्विक भू-राजनीतिक शांति बनाए रखने पर निर्भर करेगा। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनियां इन कम इनपुट लागतों का फायदा कैसे उठाती हैं - क्या वे ग्राहकों को लाभ पहुंचाती हैं या अपने मार्जिन को बेहतर बनाती हैं।
