4 दिनों की गिरावट के बाद भारतीय बाजारों में रौनक लौटी है। 4 सितंबर, 2026 को BSE Sensex **500** अंकों से ज्यादा उछलकर **76,657** के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nifty **23,900** के पार निकल गया। इस तेजी की मुख्य वजह IT स्टॉक्स में खरीदारी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नरम संकेत हैं।
IT सेक्टर की 'दमदार' वापसी
लगातार 4 दिनों तक बाजार में दिख रही सुस्ती के बाद शुक्रवार को रौनक लौट आई है। मार्केट की इस रिकवरी में सबसे बड़ी भूमिका IT सेक्टर की रही। Tata Consultancy Services और Infosys जैसे दिग्गज शेयरों में आई जोरदार खरीदारी ने इंडेक्स को सहारा दिया। यह तेजी तब आई जब US फेडरल रिजर्व के गवर्नर Christopher Waller ने ब्याज दरों को लेकर नरम रुख (dovish) के संकेत दिए।
बाजार का चौतरफा एक्शन
सिर्फ IT ही नहीं, बल्कि फाइनेंस और Bajaj Finserv जैसे हेवीवेट शेयरों में भी खरीदारी दिखी। इंडेक्स में आई यह बढ़त इस बात का सबूत है कि निवेशकों का सेंटिमेंट अब बदल रहा है। FY27 की पहली तिमाही में निजी निवेश (Private Investment) में हुई वृद्धि और GST कलेक्शन के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव अभी भी मजबूत है।
क्या अभी भी है कोई खतरा?
बाजार भले ही तेजी में है, लेकिन कुछ चुनौतियां बरकरार हैं। कच्चे तेल की कीमतें $96 प्रति बैरल के करीब मंडरा रही हैं, जो भारत के इंपोर्ट बिल और महंगाई के लिए रिस्क बनी हुई हैं। इसके अलावा, US और Iran के बीच चल रहे भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बदलाव भी निवेशकों की चिंता बढ़ा सकते हैं। स्थानीय बॉन्ड यील्ड का 7% के स्तर को छूना और ग्लोबल मार्केट्स में अस्थिरता आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
