शुक्रवार को भारतीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने से तेजी रही, लेकिन IT सेक्टर में मायूसी छाई है। TCS जैसे बड़े शेयरों में **3%** से ज्यादा की गिरावट आई है, क्योंकि निवेशक अपना पैसा नए IPO और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आगामी ऑफरिंग की ओर शिफ्ट कर रहे हैं।
IT सेक्टर में क्यों मच गई भगदड़?
शुक्रवार की सुबह मार्केट में तेजी का माहौल था, जिसकी मुख्य वजह क्रूड ऑयल के दामों में नरमी रही। ब्रेंट क्रूड $103 प्रति बैरल के आसपास आ गया है, जिससे इकोनॉमी को राहत मिली है। हालांकि, इस हरियाली के बीच IT सेक्टर पूरी तरह लाल निशान में रहा। TCS के शेयरों में 3% से ज्यादा की बड़ी गिरावट देखी गई। इसके अलावा HCL Technologies, Infosys और Tech Mahindra भी दबाव में रहे।
IPO का जादू या लिक्विडिटी का खेल?
बाजार के जानकारों का मानना है कि निवेशक मौजूदा IT दिग्गजों से पैसा निकालकर नई कंपनियों के IPO में लगा रहे हैं। अभी बाजार में 5 बड़े IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुले हुए हैं, जिसमें सबसे ज्यादा चर्चा National Stock Exchange (NSE) की है। इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स लिक्विडिटी जुटाने के लिए बड़े IT शेयरों को बेच रहे हैं, जिससे इन स्टॉक्स पर दबाव बना है।
ग्लोबल संकेत और आगे का रास्ता
मैक्रो लेवल पर अभी भी चुनौतियां बरकरार हैं। अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के 5% के स्तर को पार करने से ग्लोबल मार्केट की चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि बॉन्ड यील्ड बढ़ने से IT कंपनियों की भविष्य की कमाई कम आकर्षक लगने लगती है। दूसरी ओर, India VIX में गिरावट देखी गई है, जो यह संकेत है कि 5 हफ्तों की गिरावट के बाद बाजार अब स्थिरता की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या यह बिकवाली सिर्फ IPO की वजह से है या निवेशकों का रुझान बड़े शेयरों से पूरी तरह बदल रहा है।
