ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के बीच भारतीय बाजार में आज भारी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex **578** अंक गिरकर **74,998** पर और Nifty 50 **151** अंक टूटकर **23,483** पर आ गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह US-Iran के बीच बढ़ता तनाव और क्रूड ऑयल का **$100** के करीब पहुंचना है।
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 9 सितंबर 2026 को सुबह के सत्र में जबरदस्त बिकवाली हावी रही। S&P BSE Sensex 578.71 अंक या 0.77% की गिरावट के साथ 74,998.87 पर खुला। वहीं, NSE Nifty 50 में 151.85 अंकों यानी 0.64% की कमजोरी दिखी और यह 23,483.15 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा।
क्यों बढ़ी बाजार में टेंशन?
इस बिकवाली की सबसे बड़ी वजह US और Iran के बीच बढ़ता तनाव है। 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) से होने वाली सप्लाई पर खतरे के डर से ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) के दाम $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं। भारत जैसे देश के लिए कच्चा तेल महंगा होने का मतलब है आयात बिल (Import Bill) का बढ़ना और महंगाई का दबाव, जो भविष्य में कॉर्पोरेट मुनाफे को कम कर सकता है।
IT सेक्टर पर सबसे ज्यादा मार
बाजार की इस गिरावट में IT सेक्टर की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही। Infosys, HCL Technologies और Tech Mahindra के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, क्योंकि निवेशक रिस्क कम करने के लिए अपने पोर्टफोलियो को बदल रहे हैं। Nifty 50 का 23,500 के अहम सपोर्ट लेवल को होल्ड न कर पाना ट्रेडर्स के लिए चिंता का विषय है। अब सबकी नजरें क्रूड ऑयल की कीमतों पर टिकी हैं कि क्या मिडिल ईस्ट का ये विवाद और गहराएगा या बाजार यहां से संभल पाएगा।
