भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार को हल्की गिरावट दर्ज की गई। हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली (Profit Booking) को प्राथमिकता दी, जिससे Sensex **73,123** और Nifty **22,600** के स्तर पर बंद हुआ।
मंगलवार के कारोबारी सत्र में भारतीय बाजारों में एक मामूली सुस्ती देखी गई, जिसका मुख्य कारण चौतरफा मुनाफावसूली रही। BSE Sensex 125.56 अंक की गिरावट के साथ 73,123.83 पर बंद हुआ। वहीं, NSE Nifty 50 भी अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख पाया और 87.65 अंक टूटकर 22,600.00 के स्तर पर सेटल हुआ।
क्यों आई गिरावट?
शेयर बाजार में मुनाफावसूली एक सामान्य प्रक्रिया है। जब बाजार नई ऊंचाइयों पर होता है, तो निवेशक अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली शुरू कर देते हैं। यही वजह है कि आज बाजार में एक 'कूलिंग ऑफ' (Cooling off) का माहौल दिखा और सेंटीमेंट थोड़े सतर्क नजर आए।
टेक्निकल लेवल और आगे की चाल
निवेशकों की नजर अब Nifty के 22,600 वाले सपोर्ट लेवल पर टिकी है। टेक्निकल चार्ट्स के मुताबिक, यह स्तर एक 'फ्लोर' (Floor) की तरह काम करता है, जहाँ से अक्सर खरीदारों की वापसी होती है। यदि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिका रहता है, तो मजबूती बरकरार मानी जाएगी। हालांकि, इसके नीचे फिसलने पर बाजार में और कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।
क्या है निवेशकों की रणनीति?
फिलहाल मार्केट में 'वेट एंड वॉच' की स्थिति है। ग्लोबल पॉलिसी और मैक्रो-इकोनॉमिक संकेत अनिश्चित होने के कारण बड़े निवेशक फ्रेश दांव लगाने के बजाय रिस्क कम करना पसंद कर रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या बाजार अगले सत्र में अपनी रफ्तार वापस पकड़ पाता है या सतर्कता का यह दौर जारी रहता है।
