1 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। सेंसेक्स **1,000** से ज्यादा अंक गिरकर साल 2026 के नए निचले स्तर **71,528** पर बंद हुआ। विदेशी निवेशकों की भारी निकासी और कच्चे तेल की कीमतों के चलते बाजार दबाव में है।
ग्लोबल और घरेलू दबाव के चलते भारतीय बाजार में आज जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। BSE सेंसेक्स 1,000 अंक से अधिक टूटकर 71,528 पर आ गया, जबकि NSE निफ्टी 22,301 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार में बिकवाली का मुख्य कारण
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली है। पिछले कारोबारी सत्र में FIIs ने लगभग ₹10,148 करोड़ के शेयर बाजार से बाहर निकाले हैं। लगातार हो रही यह निकासी बाजार के वैल्युएशन पर भारी दबाव बना रही है।
मैक्रोइकॉनॉमिक चुनौतियां
निवेशक फिलहाल कई मोर्चों पर अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं:
- कच्चा तेल (Crude Oil): बढ़ती कीमतें कंपनियों के मार्जिन को प्रभावित कर रही हैं और महंगाई का डर बढ़ा रही हैं।
- US ट्रेजरी यील्ड: इसमें बढ़ोतरी से इमर्जिंग मार्केट्स से पैसा निकलकर सुरक्षित एसेट्स की ओर जा रहा है।
- RBI पॉलिसी: अक्टूबर में होने वाली RBI की बैठक को लेकर बाजार में घबराहट है कि क्या ब्याज दरों में कोई बदलाव होगा।
सेक्टोरल हाल और लिक्विडिटी का संकट
ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा तनाव देखा गया, जहां निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 4% की गिरावट दर्ज की गई। Bajaj Auto, Mahindra & Mahindra और Maruti Suzuki जैसे शेयरों में भारी बिकवाली रही। इसके अलावा, हाल के दिनों में आए ढेर सारे IPOs ने सिस्टम से नकदी (Liquidity) सोख ली है, जिससे मौजूदा शेयरों को खरीदने के लिए बाजार में पैसा कम पड़ रहा है।
