9 सितंबर 2026 को शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। BSE Sensex **650 अंक** से ज्यादा टूटकर **75,000** के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया है। इस गिरावट की बड़ी वजह IT सेक्टर में मची भगदड़ और IPO की तरफ निवेशकों का झुकाव है।
बुधवार के कारोबारी सत्र में भारतीय बाजारों ने बड़ी गिरावट दर्ज की। न केवल सेंसेक्स, बल्कि Nifty 50 पर भी दबाव साफ दिखा। इस गिरावट की अगुवाई मुख्य रूप से IT इंडेक्स ने की, जो अब तक मार्केट को संभाले हुए था।
IT सेक्टर में क्यों है पैनिक?
Infosys, Tech Mahindra, HCL Technologies और Tata Consultancy Services जैसे दिग्गज शेयरों में 2% से 4% तक की गिरावट दर्ज की गई। ग्लोबल मार्केट में कॉर्पोरेट अर्निंग्स को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसके चलते निवेशक अपने पोर्टफोलियो को री-इवैल्युएट कर रहे हैं।
लिक्विडिटी का संकट और IPO का क्रेज
बाजार में इस समय फंड्स की कमी का सामना करना पड़ रहा है। निवेशक मौजूदा ब्लू-चिप शेयरों से पैसा निकालकर नए IPOs में लगा रहे हैं। डेटा बताता है कि FIIs (Foreign Institutional Investors) ने सेकेंडरी मार्केट में बिकवाली की है, जबकि वे IPOs में भारी निवेश कर रहे हैं, जिससे लार्ज-कैप शेयरों में खरीदारी का सपोर्ट कम हो गया है।
क्रूड ऑयल का दबाव
वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं। भारत के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि बढ़ती कीमतों का सीधा असर फिस्कल डेफिसिट और कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ता है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह बिकवाली कुछ और समय जारी रहेगी या जल्द ही बाजार में स्थिरता देखने को मिलेगी।
