ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों के बीच आज भारतीय शेयर बाजार में बड़ी बिकवाली देखने को मिली। Crude Oil की बढ़ती कीमतों और US बॉन्ड यील्ड में उछाल के चलते Sensex **900** अंक टूट गया, वहीं Nifty **22,900** के अहम लेवल के नीचे बंद हुआ।
भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार का दिन निवेशकों के लिए काफी दबाव भरा रहा। BSE Sensex 900 अंक गिरकर 72,995 पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 284 अंक की गिरावट के साथ 22,856 के स्तर पर सिमट गया। बाजार के हर सेक्टर में सुस्ती छाई रही।
गिरावट की असली वजहें:
Geopolitical Tension: 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन पर संकट गहरा गया है। Brent Crude के दाम 2.2% बढ़कर $106.6 प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं, जो भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगाई का बड़ा खतरा है।
US Bond Yield का असर: 10-year US Treasury Yield बढ़कर 5.2% हो गई है। जब अमेरिका में यील्ड बढ़ती है, तो विदेशी निवेशक उभरते बाजारों (Emerging Markets) से पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी एसेट्स में निवेश करने लगते हैं, जिससे भारत में लिक्विडिटी का संकट पैदा हो रहा है।
FPI की बिकवाली: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सितंबर में भारतीय बाजारों से ₹17,131 करोड़ के शेयर बेचे हैं, जो जुलाई और अगस्त की नेट बाइंग के उलट है।
टेक्निकल चार्ट क्या कहता है?
Nifty का 22,900 के लेवल को तोड़ना एक बड़ा संकेत है, क्योंकि यह लंबे समय से एक अहम सपोर्ट जोन बना हुआ था। अब बाजार की नजरें 22,700 से 22,800 की रेंज पर टिकी हैं। अगर यहां से स्थिरता नहीं मिली, तो बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है। अब निवेशकों की निगाहें ग्लोबल तेल आपूर्ति के अपडेट्स और मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा पर बनी हुई हैं।
