Sensex & Nifty: कच्चे तेल की आग से बाजार में हाहाकार, 708 अंक टूटा सेंसेक्स

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AuthorNeha Patil|Published at:
Sensex & Nifty: कच्चे तेल की आग से बाजार में हाहाकार, 708 अंक टूटा सेंसेक्स

11 सितंबर 2026 को भारतीय बाजार में जोरदार बिकवाली देखी गई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल **$108** प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट बिगड़ गया और सेंसेक्स **708** अंक लुढ़क गया।

शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को भारतीय बाजार की शुरुआत कमजोर रही और दिन भर बिकवाली का दौर जारी रहा। BSE सेंसेक्स 707.72 अंक टूटकर 74,194.87 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं NSE निफ्टी 237 अंक गिरकर 23,240.80 पर सिमट गया।

क्रूड ऑयल का संकट

बाजार में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह ब्रेंट क्रूड ऑयल में आया उबाल है, जिसकी कीमतें $108 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। मिडिल ईस्ट में गहराते भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव ने कच्चे तेल को महंगा कर दिया है। चूंकि भारत अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई बढ़ाने और कंपनियों के मार्जिन पर बुरा असर डालने का डर पैदा कर रही हैं। खास तौर पर ट्रांसपोर्ट, मैन्युफैक्चरिंग और केमिकल सेक्टर के लिए यह एक बड़ा झटका है।

US बॉन्ड यील्ड का दबाव

बाजार पर दूसरा बड़ा असर US ट्रेजरी यील्ड से पड़ा है। बेंचमार्क 10-वर्षीय US ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.943% पर पहुंच गई है, जो 5% के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब है। जब अमेरिका में बॉन्ड पर ब्याज बढ़ता है, तो विदेशी निवेशक उभरते हुए बाजारों जैसे भारत से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित अमेरिकी बॉन्ड में निवेश करना पसंद करते हैं। यही कारण है कि हाल के डेटा में विदेशी निवेशकों (FIIs) की तरफ से ₹438 करोड़ की बिकवाली देखने को मिली है।

बाजार का भविष्य

मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स भी कमजोरी के साथ करीब 1.1% नीचे रहे। फिलहाल, निवेशकों की नजरें क्रूड ऑयल की स्थिरता और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर टिकी हैं। टेक्निकल चार्ट्स पर, निफ्टी के लिए 23,300 का स्तर काफी अहम है, जिस पर बाजार की आगे की दिशा निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.