2 सितंबर, 2026 को भारतीय बाजारों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमतें **$96** प्रति बैरल के करीब पहुंचने से निवेशकों में डर का माहौल है, जिसके चलते Sensex **700** अंक से ज्यादा टूट गया है।
ग्लोबल मार्केट में भू-राजनीतिक तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है। बुधवार को BSE Sensex 700 अंकों से ज्यादा गिरकर 76,200 के स्तर के नीचे आ गया, वहीं NSE Nifty 1% की गिरावट के साथ 23,800 के पास कारोबार करता दिखा। भारत अपनी जरूरत का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए कीमतों में यह उछाल महंगाई और राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) के लिए एक बड़ा रिस्क बन गया है।
ऑटो सेक्टर पर दबाव
कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण ऑटो शेयरों पर निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। Eicher Motors 5.7% तक नीचे गिर गया, जबकि Bajaj Auto और Mahindra & Mahindra में क्रमशः 3.4% और 3.3% की गिरावट दर्ज की गई। एनालिस्ट्स का मानना है कि इनपुट कॉस्ट बढ़ने से कंपनियों के मार्जिन पर सीधा असर पड़ेगा और वे इसे ग्राहकों पर पूरी तरह शिफ्ट नहीं कर पाएंगी।
एविएशन का हाल और एनर्जी शेयरों में चमक
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम बढ़ने से IndiGo और SpiceJet के शेयरों में भी कमजोरी दिखी। यह लगातार दूसरा महीना है जब एयरलाइंस की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी पर दबाव बढ़ा है। हालांकि, बाजार की इस गिरावट के बीच Coal India और ONGC जैसे एनर्जी स्टॉक्स ने सुरक्षा कवच (Defensive Buffer) का काम किया। कमोडिटी साइकिल में तेजी के चलते निवेशकों ने इन शेयरों में खरीदारी की है।
मार्केट का हाल इतना कमजोर था कि दिन के दौरान 100 से ज्यादा शेयरों ने अपने 52-वीक लो को छुआ। फिलहाल निवेशकों की नजरें क्रूड की कीमतों में स्थिरता और कंपनियों की अगली मैनेजमेंट कमेंट्री पर टिकी हैं।
