Sensex & Nifty Crash: कच्चे तेल में आग, सेंसेक्स **700** अंक टूटा, निफ्टी **24,000** के नीचे फिसला

ECONOMY
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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Sensex & Nifty Crash: कच्चे तेल में आग, सेंसेक्स **700** अंक टूटा, निफ्टी **24,000** के नीचे फिसला

ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण भारतीय बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। Sensex **700** अंक गिर गया है और Nifty **24,000** के अहम सपोर्ट लेवल को तोड़कर नीचे आ गया है।

बुधवार, 2 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद सुस्त रही। बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 700 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 50 मनोवैज्ञानिक स्तर 24,000 के नीचे फिसल गया। यह चौतरफा बिकवाली बाजार के सेंटीमेंट को कमजोर कर रही है।

ग्लोबल टेंशन और एनर्जी का असर

इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। इस भू-राजनीतिक अस्थिरता ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमतें बढ़कर $97 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में तेल के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ने का डर और ब्याज दरों पर दबाव की चिंता निवेशकों को सता रही है।

एविएशन स्टॉक्स पर दबाव

एनर्जी की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर उन सेक्टरों पर पड़ा है जो ईंधन पर अधिक निर्भर हैं। InterGlobe Aviation (IndiGo) के शेयर में शुरुआती कारोबार में करीब 2% की गिरावट देखी गई। एयरलाइंस कंपनियों के लिए एविशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) खर्च का एक बड़ा हिस्सा होता है, जिससे मुनाफे के मार्जिन पर सीधा असर पड़ता है।

बाजार का आउटलुक

निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर एक महत्वपूर्ण टेक्निकल सपोर्ट था, जिसे तोड़ने के बाद अब आगे और बिकवाली का डर बना हुआ है। बाजार की आगे की चाल पूरी तरह से मिडिल ईस्ट की स्थितियों और ग्लोबल कमोडिटी कीमतों पर निर्भर करेगी। निवेशक अब आने वाले दिनों में आर्थिक डेटा और कंपनियों की कमेंट्री पर नजर बनाए हुए हैं ताकि यह समझा जा सके कि बढ़ती लागत को कंपनियां कैसे मैनेज कर रही हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.