Sensex: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और FIIs की बिकवाली से बाजार में हाहाकार, Sensex **696** अंक टूटा

ECONOMY
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AuthorNeha Patil|Published at:
Sensex: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और FIIs की बिकवाली से बाजार में हाहाकार, Sensex **696** अंक टूटा

ग्लोबल मार्केट से मिल रहे खराब संकेतों और लगातार बिकवाली के चलते भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है। Sensex **696** अंक लुढ़ककर **73,199** के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 भी **23,000** के अहम स्तर के नीचे फिसल गया है।

भारतीय शेयर बाजारों के लिए यह हफ्ता बेहद निराशाजनक रहा है। सोमवार को BSE Sensex 696.56 अंक गिरकर 73,199.18 पर बंद हुआ, वहीं NSE Nifty 50 ने 224.05 अंक खोकर 22,915.90 का स्तर छुआ। यह लगातार आठवां सत्र है जब बाजार लाल निशान में बंद हुआ है।\n\n### कच्चे तेल का दबाव\nबाजार की कमजोरी की सबसे बड़ी वजह Brent Crude का $106 प्रति बैरल के करीब पहुंचना है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की बढ़ती कीमतें बिजनेस की लागत (Cost) बढ़ा रही हैं। लंबे समय तक हाई ऑयल प्राइस रहने से कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ता है क्योंकि वे बढ़ी हुई लागत का बोझ पूरी तरह ग्राहकों पर नहीं डाल सकतीं।\n\n### विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली\nमार्केट में लिक्विडिटी की कमी का कारण FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशक) की लगातार बिकवाली है। शुक्रवार को ही विदेशी निवेशकों ने ₹36.94 अरब के शेयर बेचे। सितंबर महीने में अब तक कुल आउटफ्लो $1.8 अरब तक पहुंच चुका है और साल-दर-साल कुल आउटफ्लो $25.86 अरब पर है, जिसने निवेशकों का भरोसा हिला दिया है।\n\n### ग्लोबल टेंशन और भविष्य की चाल\nStrait of Hormuz में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत से बनी अनिश्चितता के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन खतरे में है। आगे की दिशा तय करने के लिए निवेशक अब अगस्त के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े और मैन्युफैक्चरिंग PMI पर नजर बनाए हुए हैं। इसके अलावा, US फेडरल रिजर्व के ब्याज दर और वहां के जॉब डेटा पर भी बाजार की चाल निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.