बाजार में आज फिर से गिरावट का दौर जारी रहा। खराब ऑटो सेल्स डेटा और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के दबाव में Sensex **71,909** के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 भी फिसलकर **22,450** के नीचे आ गया है।
भारतीय शेयर बाजारों में लगातार चौथे दिन कमजोरी का माहौल रहा। 1 अक्टूबर, 2026 के कारोबारी सत्र में BSE Sensex 570.59 अंक की भारी गिरावट के साथ 71,909.70 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 भी 198.50 अंक गिरकर 22,421.95 पर थमा।
ऑटो सेक्टर में भारी बिकवाली
बाजार पर सबसे बुरा असर ऑटो सेक्टर का रहा, जहां Nifty Auto इंडेक्स 3% से ज्यादा टूट गया। सितंबर महीने की बिक्री के आंकड़े उम्मीद से काफी कमजोर रहे हैं, जिससे फेस्टिवल सीजन की डिमांड को लेकर निवेशकों में डर पैदा हो गया है। इसका सीधा असर Maruti Suzuki, Mahindra & Mahindra और Bajaj Auto जैसे दिग्गज शेयरों पर दिखा।
FII आउटफ्लो और क्रूड ऑयल का दबाव
मार्केट में अनिश्चितता की एक बड़ी वजह ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतें हैं, जो $98-$100 प्रति बैरल के पास मंडरा रही हैं। इससे इंपोर्ट बिल बढ़ने और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने का रिस्क है। वहीं, विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली थमने का नाम नहीं ले रही है। डेटा के मुताबिक, केवल 30 सितंबर को ही FII ने ₹10,000 करोड़ से अधिक के शेयर बेचे हैं। US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी ने भी विदेशी फंड्स को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ दिया है।
राहत की उम्मीद: IT सेक्टर और कोटक बैंक
गिरावट के बीच IT सेक्टर ने डिफेंसिव रोल निभाया। Infosys के बेहतर प्रदर्शन से इंडेक्स को थोड़ा सहारा मिला। साथ ही, Kotak Mahindra Bank में तब रौनक देखी गई जब अनूप कुमार साहा को नया MD और CEO नियुक्त किया गया।
अब निवेशकों की नजरें Reserve Bank of India (RBI) की अगली पॉलिसी मीटिंग और Q2 अर्निंग्स सीजन पर टिकी हैं। बाजार यह देख रहा है कि बढ़ती महंगाई के बीच कंपनियां अपने मार्जिन को कैसे बचाती हैं।
