बाजार में आज जबरदस्त बिकवाली हावी है। Brent crude के **$100** के करीब पहुंचने से महंगाई का खतरा बढ़ गया है, वहीं Coforge में कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर पैदा हुए विवाद ने आईटी शेयरों का मूड बिगाड़ दिया है।
भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त घबराहट देखी जा रही है। BSE Sensex शुरुआती कारोबार में ही 500 अंक तक लुढ़क गया है। इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं—ग्लोबल मार्केट में बढ़ती एनर्जी कीमतें और आईटी सेक्टर में उठा नया कॉर्पोरेट गवर्नेंस का मुद्दा।
कच्चे तेल की आग और महंगाई
कच्चे तेल (Brent crude) की कीमतें फिर से $100 प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच गई हैं। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और एनर्जी सप्लाई में रुकावट की आशंका ने निवेशकों को डरा दिया है। चूंकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए तेल की बढ़ती कीमतें न केवल इम्पोर्ट बिल बढ़ाएंगी, बल्कि देश में महंगाई (Inflation) को भी हवा देंगी। इससे कंपनियों के मार्जिन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।
Coforge में बड़ी हलचल
आईटी सेक्टर, जो भारतीय बाजार की रीढ़ माना जाता है, आज दोहरी मार झेल रहा है। Coforge के चेयरमैन ओम प्रकाश भट्ट के इस्तीफे की खबर ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कंपनी ने बताया है कि इंटरनल ऑडिट के दौरान 'बोर्ड इवैल्यूएशन रिपोर्ट' में कुछ जानकारी छिपाने को लेकर सवाल उठे थे। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इसका फाइनेंसियल परफॉर्मेंस या फ्यूचर गाइडेंस से कोई लेना-देना नहीं है, फिर भी मार्केट इसे गवर्नेंस के नजरिए से देख रहा है। कंपनी ने विवेक शर्मा को 2027 की शुरुआत तक के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है।
बाजार का मूड और VIX
बाजार की अनिश्चितता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि India VIX में उछाल आया है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली और अमेरिकी ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने के डर ने घरेलू बाजार की लिक्विडिटी को प्रभावित किया है।
निवेशकों की नजर अब पूरी तरह से कच्चे तेल के भाव पर टिकी है। अगर कीमतें $100 के स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाली तिमाहियों में कंपनियों की कमाई के अनुमानों को फिर से तय करना पड़ सकता है।
