ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों और RBI के रेपो रेट में **0.25%** की अचानक बढ़ोतरी के कारण भारतीय बाजारों में बड़ी बिकवाली देखी गई है। सेंसेक्स **1,045 अंक** गिर गया है और निवेशकों की संपत्ति से **₹10 लाख करोड़** का नुकसान हुआ है।
बाजार में मची भारी उथल-पुथल
गुरुवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में एक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सेंसेक्स 1,045.46 अंक फिसलकर 71,593.24 के स्तर पर बंद हुआ। इस गिरावट के चलते निवेशकों की करीब ₹10 लाख करोड़ की वेल्थ स्वाहा हो गई। निफ्टी 50 भी 371.25 अंक टूटकर 22,231.80 पर आ गया, जो कि पिछले 21 महीनों का निचला स्तर है।
क्यों गिरे बाजार?
बाजार में इस बिकवाली के पीछे मुख्य कारण रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का चौंकाने वाला फैसला है। सेंट्रल बैंक ने रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 5.50% कर दिया है और 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' (Calibrated Tightening) का रुख अपनाया है। ब्याज दरें बढ़ने से कंपनियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो गया है, जिससे उनके नेट प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
ग्लोबल दबाव का असर
घरेलू बाजार पर वैश्विक दबाव का भी बुरा असर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमतें $104 प्रति बैरल के पार चली गई हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का डर है। साथ ही, यूएस ट्रेजरी यील्ड्स (US Treasury Yields) में बढ़ोतरी के चलते विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। भारतीय बाजार पिछले 8 हफ्तों से लगातार गिरावट के दौर से गुजर रहा है।
आगे की राह
ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग और ऑटो सेक्टर पर देखने को मिला है। अब सबकी निगाहें आने वाले महंगाई के आंकड़ों और RBI की भविष्य की कमेंट्री पर टिकी हैं। फिलहाल बाजार के सपोर्ट लेवल्स पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा, क्योंकि टेक्निकल कमजोरी अभी भी बनी हुई है।
