मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार रिकवरी देखने को मिली। IT सेक्टर के दम पर Sensex **72,600** के पार निकल गया है। हालांकि, महंगाई और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बरकरार रखी है।
मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रौनक रही। BSE Sensex 600 अंकों की बढ़त के साथ 72,600 के लेवल को पार करने में कामयाब रहा। इस रिकवरी की असली ताकत IT सेक्टर रही, जहाँ Nifty IT इंडेक्स में 3% से ज्यादा का उछाल देखा गया।
IT सेक्टर का जलवा
हालिया तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों का भरोसा IT कंपनियों पर लौटा है। HCL Technologies के शेयर में लगभग 5% की तेजी दिखी, जिसने सेक्टर की ग्रोथ को लेकर बाजार की चिंताओं को कम किया है। इसके अलावा, Tata Consultancy Services, Tech Mahindra और Infosys जैसे दिग्गज शेयरों ने भी इंडेक्स को ऊपर खींचने में पूरी मदद की।
महंगाई और मैक्रो चुनौतियां
बाजार की इस चमक-धमक के पीछे मैक्रो-इकोनॉमिक चुनौतियां भी साफ दिख रही हैं। सितंबर के लिए रिटेल महंगाई दर (CPI) 5.54% के स्तर पर पहुंच गई है, जो 23 महीने का उच्चतम स्तर है। खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने से Reserve Bank of India की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऊंची ब्याज दरें कंपनियों की उधार लागत को महंगा कर सकती हैं, जो आगे चलकर मुनाफे पर दबाव डाल सकती हैं।
ग्लोबल रिस्क और FIIs का रुख
ग्लोबल मार्केट का मिजाज भी बाजार को प्रभावित कर रहा है। Brent Crude की कीमतें $102 से $106 प्रति बैरल के बीच बनी हुई हैं, जिससे भारत के इंपोर्ट बिल पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा, Foreign Institutional Investors (FIIs) की लगातार बिकवाली भी लिक्विडिटी के लिहाज से चिंता का विषय बनी हुई है, हालांकि domestic institutional investors की लगातार खरीदारी ने कुछ हद तक राहत दी है।
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनियां महंगाई और बढ़ती कमोडिटी कीमतों के बीच अपने मार्जिन को कैसे मैनेज करती हैं। आने वाले हफ्तों में कॉर्पोरेट अर्निंग्स और ग्लोबल रिस्क के बीच की यह जंग बाजार की दिशा तय करेगी।
