Saudi Arabia एक बार फिर बड़े कर्ज की तैयारी में है। देश **$9.1 अरब** के बजट घाटे का सामना कर रहा है, जिसे भरने के लिए सरकार कम से कम **$8 अरब** का लोन जुटाने की प्रक्रिया में है।
घाटे का गणित और कर्ज की जरूरत
Saudi Arabia का 'नेशनल डेट मैनेजमेंट सेंटर' अब बैंकों के साथ $8 अरब से ज्यादा के लोन के लिए बातचीत कर रहा है। यह कदम तब उठाया गया है जब दूसरी तिमाही में देश का बजट घाटा 34.3 बिलियन रियाल यानी करीब $9.1 अरब तक पहुंच गया है।
क्यों पड़ रही है कर्ज की जरूरत?
इस वित्तीय दबाव के पीछे कई कारण हैं:
- क्षेत्रीय अस्थिरता: 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' में जारी तनाव के कारण लॉजिस्टिक्स प्रभावित हो रहे हैं, जिससे तेल निर्यात और आयात की लागत पर असर पड़ा है।
- Vision 2030 का बोझ: भले ही 'ब्रेंट क्रूड' की कीमत $87 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है, लेकिन बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को जारी रखना सरकार के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
Aramco की रणनीति
केवल सरकार ही नहीं, दिग्गज कंपनी Saudi Aramco भी फंड जुटाने की दिशा में काम कर रही है। इससे पहले साल 2026 की शुरुआत में कंपनी $4 अरब का कर्ज जुटा चुकी है। Aramco का मकसद पारंपरिक बॉन्ड मार्केट पर निर्भरता कम करना और प्राइवेट फाइनेंसिंग के विकल्पों को बढ़ाना है।
आगे का रास्ता
साल 2026 के लिए सऊदी का कुल फाइनेंसिंग लक्ष्य $57.86 अरब के आसपास था। अब सरकार का फोकस 'फिस्कल डिसिप्लिन' (वित्तीय अनुशासन) पर है। हालांकि, मेगा प्रोजेक्ट्स जारी रहेंगे, लेकिन उनके पूरा होने की समयसीमा और निवेश के तरीकों में बदलाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि सरकार बढ़ते कर्ज की लागत को कैसे मैनेज करती है।
