ग्लोबल रेटिंग एजेंसी S&P Global Ratings ने भारत के FY27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान **6.6%** से बढ़ाकर **7%** कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि औद्योगिक और उपभोग के मजबूत आंकड़ों के दम पर यह तेजी संभव है।
ग्रोथ की रफ्तार और मजबूती
जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था ने 7.8% की शानदार ग्रोथ दर्ज की है, जिसके चलते S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने अपने अनुमान को रिवाइज किया है। एजेंसी के अनुसार, देश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च और मजबूत घरेलू मांग अर्थव्यवस्था को लगातार सहारा दे रही है।
महंगाई और मानसून की चुनौती
विकास की इस कहानी के बीच, मानसून का असर एक बड़ी चिंता बना हुआ है। सितंबर के मध्य तक मानसून 15% कम दर्ज किया गया है, जिसका सीधा असर कृषि पैदावार पर पड़ सकता है। खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने से महंगाई के और ऊपर जाने का रिस्क बना हुआ है। रेटिंग एजेंसी को उम्मीद है कि इस साल औसतन कंज्यूमर इंफ्लेशन 5.1% के आसपास रह सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
महंगाई को काबू में करने के लिए RBI चालू फाइनेंशियल ईयर में 25 बेसिस पॉइंट्स की दर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे बेंचमार्क रेट 5.5% तक पहुंच सकता है। निवेशकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है, क्योंकि इससे कंपनियों की बरोइंग कॉस्ट (Borrowing Cost) बढ़ेगी और इसका सीधा असर उनके नेट प्रॉफिट पर पड़ सकता है। खासकर ऑटो और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर, जो लोन पर निर्भर हैं, वहां मांग में नरमी देखने को मिल सकती है।
आने वाले समय में बाजार की नजर RBI की अगली पॉलिसी मीटिंग्स और महंगाई के डेटा पर होगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनियां इस चुनौती से कैसे निपटती हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।
