S&P Global का बड़ा ऐलान: भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर **7%** किया

ECONOMY
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AuthorMehul Desai|Published at:
S&P Global का बड़ा ऐलान: भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर **7%** किया

S&P Global ने भारत की फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर **7%** कर दिया है। मजबूत इंडस्ट्रियल एक्टिविटी और सरकारी खर्चों के चलते यह राहत मिली है, लेकिन निवेशकों को फूड इन्फ्लेशन और आरबीआई की ब्याज दरों पर नजर रखनी होगी। साथ ही, बैंकों में प्रस्तावित स्ट्राइक के बीच सरकार ने रविवार को ब्रांच खुली रखने के निर्देश दिए हैं।

ग्रोथ का नया रोडमैप

रेटिंग एजेंसी S&P Global ने भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान पहले के 6.6% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। एजेंसी का मानना है कि देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मजबूती और कंज्यूमर डिमांड का सीधा असर इकोनॉमी पर दिख रहा है। सरकार द्वारा लगातार कैपिटल स्पेंडिंग पर जोर देने से भी ग्रोथ को रफ्तार मिली है। हालांकि, एजेंसी ने चेतावनी दी है कि फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में पॉलिसी बदलावों का असर कम हो सकता है, जिससे ग्रोथ में थोड़ी सुस्ती आ सकती है।

महंगाई और आरबीआई का रुख

ग्रोथ भले ही अच्छी दिख रही हो, लेकिन इन्फ्लेशन अब भी बड़ी चुनौती है। मॉनसून में अनियमितता के चलते एग्रीकल्चरल प्रोडक्शन पर असर पड़ सकता है, जिससे फूड इन्फ्लेशन के बने रहने की आशंका है। S&P का अनुमान है कि इसे कंट्रोल करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) चालू फाइनेंशियल ईयर के अंत तक 0.25% की ब्याज दर बढ़ोतरी भी कर सकता है। निवेशकों के लिए ग्रोथ और इंटरेस्ट रेट्स के बीच का संतुलन अगले कुछ महीनों के लिए सबसे अहम संकेत होगा।

एनर्जी सिक्योरिटी पर सरकार का स्टैंड

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने साफ किया है कि एनर्जी सिक्योरिटी भारत की प्राथमिकता है। इंटरनेशनल लेवल पर रशियन एनर्जी आयात को लेकर चल रही बातचीत के बीच सरकार ने अपना रुख स्पष्ट रखा है। भारत का लक्ष्य अपने रिफाइनरीज और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सबसे सस्ता और स्थिर क्रूड ऑयल सोर्सिंग सुनिश्चित करना है, ताकि ग्लोबल ट्रेड फ्रिक्शन का सीधा असर देश की एनर्जी सप्लाई पर न पड़े।

बैंकिंग सेक्टर में हलचल

बैंक यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। ग्राहकों को परेशानी न हो, इसके लिए फाइनेंस मिनिस्ट्री ने पब्लिक सेक्टर और रीजनल रूरल बैंकों को रविवार, 27 सितंबर को काम जारी रखने के आदेश दिए हैं। वहीं, आरबीआई ने भी लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए करेंसी चेस्ट और एटीएम से जुड़ी ब्रांचों को खुला रखने की अनुमति दे दी है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट में इलेक्शन कमिश्नर्स की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर चल रही कानूनी सुनवाई भी इस समय मार्केट के लिए एक अहम वॉच-पॉइंट बनी हुई है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.