बाजार के ऊपरी स्तर पर होने के बावजूद, S&P 500 के लगभग **60%** शेयर तकनीकी तौर पर बेयर मार्केट में हैं। Goldman Sachs ने इसे 'स्टेल्थ बेयर मार्केट' करार दिया है और इसके पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे भारी खर्च को मुख्य कारण बताया है।
अमेरिकी शेयर बाजार में इस वक्त दो अलग-अलग तस्वीरें दिख रही हैं। एक तरफ S&P 500 इंडेक्स अपने ऑल-टाइम हाई के करीब है, तो दूसरी तरफ बाजार की आंतरिक सेहत काफी कमजोर है। Goldman Sachs की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडेक्स में शामिल करीब 60% कंपनियां अपने 52-वीक पीक से 20% से ज्यादा गिर चुकी हैं।
क्यों दिख रहा है यह अंतर?
इंडेक्स का परफॉर्मेंस केवल कुछ चुनिंदा दिग्गज टेक कंपनियों, जिन्हें 'Mag-7' कहा जाता है, की बदौलत टिका हुआ है। बाकियों के लिए 2026 का साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। इसकी मुख्य वजह AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जा रहा भारी-भरकम खर्च है। Microsoft, Alphabet, Amazon और Meta जैसी कंपनियां इस साल $725 बिलियन से $800 बिलियन तक का कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) करने वाली हैं। निवेशक अब इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या यह निवेश भविष्य में मुनाफे में बदलेगा या यह केवल कैश जलाने का जरिया बन रहा है।
निवेशकों का रुख और जोखिम
निवेशक अब टेक स्टॉक्स से पैसा निकालकर हेल्थकेयर, कंज्यूमर स्टेपल्स और रियल एस्टेट जैसे डिफेंसिव सेक्टर्स की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। साथ ही, क्रेडिट मार्केट्स में भी तनाव बढ़ रहा है। B-रेटेड और CCC-रेटेड बॉन्ड के बीच ब्याज दरों का अंतर 8% तक बढ़ गया है, जो इस बात का संकेत है कि कंपनियों पर कर्ज चुकाने का दबाव बढ़ सकता है।
अगर AI निवेश का असर जल्द ही मुनाफे में नहीं दिखा, तो मार्केट में बड़ी उठापटक (Volatility) देखने को मिल सकती है।
